बोले फिरोजाबाद: जलालपुर में कब होगी विकास की जद्दोजहद
Firozabad News - गांव जलालपुर में 800 परिवार रहते हैं, जहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। पिछले 15 वर्षों से गलियों की मरम्मत नहीं हुई, जिससे गांव में पानी भर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होती और...
जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर गांव जलालपुर बसा हुआ है। यहां यादव और बघेल समाज के 800 परिवार रहते हैं। गांव की आबादी 10 हजार से अधिक है और 1500 मतदाता हैं। हाईवे से एफएस विश्वविद्यालय के निकट से गांव के लिए गया मुख्य मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढों में हिचकोले खाने के लिए विवश होना पड़ता है। साथ ही नगला पोपी के लिए गए मुख्य मार्ग पर बदहाल पड़ा है। 500 मीटर कच्चा मार्ग होने के कारण बारिश से जलभराव हो गया है। इधर से वाहन तो क्या पैदल निकला भी किसी खतरे से कम नहीं है। जिससे मईयामई, लभऊआ, नगला बलुआ, नगला ठकुरी आदि गांव के ग्रामीणों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।

गांव की गलियों की पिछले 15 साल से मरम्मत नहीं कराई है। ऊबड़-खाबड़ गलियों में निकलना मुश्किल हो जाता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। नालियां टूटी होने के कारण घरों से निकलने वाला पानी गलियों में भर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने के लिए नहीं आता है। अपने-अपने घरों के सामने स्वयं ही सफाई करनी पड़ती है। 15 साल पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान ने गलियों की मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद किसी ने सुध नहीं ली है। बारिश के मौसम में 24 घंटे जलभराव बना रहता है। घर से निकालते ही गंदगीयुक्त पानी में पैर रखने पड़ते हैं। बच्चे और बुजुर्ग आए दिन गिरकर घायल हो जाते हैं। स्ट्रीट लाइट नहीं लगवाने से सूर्य ढलते ही गलियों में अंधेरा छा जाता है। जिससे चोरी होने का भय सताता रहता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए कई बार विकास भवन और कलक्ट्रेट तक भी गए, अधिकारियों ने प्रार्थना अपने पास रख लिए, लेकिन आज तक गांव में विकास कराने की पहल नहीं की गई है। बोले ग्रामीण नालियों की सही प्रकार से मरम्मत कराकर जल निकासी का प्रबंध किया जाए। स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं, ताकि रात के समय गलियों में अंधेरा नहीं रहे। मुख्य मार्ग की मरम्मत कराई जाए, ताकि अन्य गांवों के ग्रामीण भी आसानी से आवागमन कर सकें। नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए। - खेतपाल नई आबादी क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। पिछले 15 साल से गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई है। गांव में विद्युत पोल पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगवाई गई हैं। जलभराव की समस्या से घरों की दीवारों में आने लगी सीलन। नियमित रूप से नहीं कराई जाती है सफाई। - दिनेश 500 मीटर कच्चा मार्ग होने के कारण बारिश से जलभराव हो गया है। इधर से वाहन तो क्या पैदल निकला भी किसी खतरे से कम नहीं है। जिससे मईयामई, लभऊआ, नगला बलुआ, नगला ठकुरी आदि गांव के ग्रामीणों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। दूसरे रास्ते से होकर जाने को मजबूर हैं। - रामखिलाड़ी शासन से गांवों में 15 से 18 घटे बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विद्युत सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं। विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, फिर भी उन पर कार्रवाई के बजाए लोगों पर बिल भरने के लिए दबाव डालते रहते हैं। - सोवरन सिंह शासन से गांव-गांव विकास को करोड़ों की धनराशि भेजी जा रही है। पर जिम्मेदारों द्वारा कोई भी काम भविष्य को देखते हुए नहीं कराया जा रहा है। ऊंची-नीची गलियां में पानी भरा रहा है। नई आबादी क्षेत्र में तो पानी निकासी का इंतजाम नहीं है। घरों के निकट खाली प्लाटों में 12 माह पानी भरा रहता है। - रामौतार नालियों में जलभराव और सिल्ट के कारण मच्छर और मक्खी पनप रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर से फागिंग कराने की सुध भी नहीं ली गई है। मच्छर और मक्खियों से डेंगू आदि बीमारी फैलने की आशंका बनी है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव के विकास की बात सुनने को तैयार नहीं है। - राकेश पूरे गांव में गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार है। जो दिन रात चैन से बैठने, उठने और सोने भी नहीं देते हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग ग्राम प्रधान के माध्यम से फागिंग कराने का दवा कर रहा है। यदि प्रशासनिक अधिकारी करने को आएं तो अभियान के बारे में पता चल सके। - रक्षपाल सिंह गांव में 15 वर्ष पूर्व गलियों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद न तो किसी ने इनकी मरम्मत कराई और न दोबारा से बनवाने की पहल की। परिणाम स्वरूप बदहाल हो गई हैं। मुख्य मार्ग से लेकर गांव के अंतिम छोर तक रहने वाले ग्रामीण विभिन्न परेशानियों से जूझ रहे हैं। - विनोद कुमार

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