बोले फिरोजाबाद:मीना मंच से सशक्त हो रहीं छात्राएं

Mar 05, 2026 10:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
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Firozabad News - पहले सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन अब सरकार ने शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए कई उपाय किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें स्मार्ट टीवी, डेस्क-बेंच और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। मीना मंच के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों और समाजिक मुद्दों पर जागरूक किया जा रहा है।

बोले फिरोजाबाद:मीना मंच से सशक्त हो रहीं छात्राएं

पहले सरकारी स्कूल का नाम आते ही आंखें में बदहाल तस्वीर उभरकर आती थी। टूटी बाउंड्रीवॉल, जर्जर छतें और ऊबड़-खाबड़ परिसर, पानी और शौचालय का अभाव इन स्कूलों की पहचान होता था। इसलिए छात्र भी कम आते थे। अब हालात बदल गए हैं। बीते वर्षों में सरकार ने शिक्षा का स्तर सुधारने को व्यवस्थाएं बेहतर करने पर काफी काम किया है। विभाग के पास धनाभाव था, इसलिए ऑपरेशन कायाकल्प से ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के सहयोग से सुविधाएं जुटाईं गईं। जिले के 1426 स्कूलों के कक्षों, रसोई, कार्यालय और परिसर में टाइलीकरण, ऊंची बाउंड्रीवॉल, रंगाई-पुताई के साथ दीवारों पर पेंटिंग कराई गई है।

साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के 1196 स्कूलों में 14,538 डेस्क ब्रेंच और 759 स्कूलों में स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। निपुण भारत मिशन के तहत 80 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं ए प्लस, ए और बी ग्रेड में शामिल हैं। मीना मंच के माध्यम से छात्राओं को अपने अधिकारों की आवाज उठाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजित कुरीतियों को मिटाने को प्रेरित किया जा रहा है। मीना मंच समिति में 20 फाउंडर सदस्य होते हैं। इनमें एक तिहाई छात्र, पांच कार्यकारिणी सदस्य और अन्य छात्राएं शामिल होती हैं। जिले के उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को बैठक का आयोजन किया जाता है। जिसमें अरमान मॉड्यूल और प्रगति के पंख के सत्र के अनुसार गतिविधियां कराई जाती हैं। इस बार पोक्सो एक्ट पर किया गया फोकसपिछले वर्ष तक स्कूल स्तर पर एक छात्र को पावर एंजल बनाया जाता था। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बार इसको परिवर्तित करते हुए कक्षा छह, सात और आठवीं कक्षा की एक-एक छात्रा को पावर एंजल की जिम्मेदारी सौंपी है। इसलिए स्कूल स्तर पर तीन छात्रा पावर एंजल होती हैं। मीना मंच की जिला नोडल प्रभारी एवं बीईओ टूंडला ज्योति पाठक का कहना है कि इस बार पोक्सो एक्ट पर अधिक फोकस किया गया है। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में छात्राओं को फिल्म दिखाई जाती है। साथ ही उन्हें महावारी प्रबंधन, संतुलित भोजन आदि के बारे में भी जानकारी दी जाती है। जिले की तीन छात्राओं का राज्यस्तर के लिए हुआ चयन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विगत दिनों जिला स्तरीय प्रगति, स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बालिका शिक्षा के तहत आयोजित मेरे बदलाव की कहानी एवं कॉमिक्स प्रतियोगिता ने छात्राओं को अपनी भावनाओं, संघर्षों और सपनों को अभिव्यक्त करने का मंच प्रदान किया। यह प्रतियोगिता केवल रचनात्मकता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बनी। इस प्रतियोगिता की विजेता आठ छात्राओं को मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। आगरा के एमजी रोड स्थित होटल हॉलिडे इन में आयोजित प्रतियोगिता में विकास खंड जसराना के पीएम श्री स्कूल नगला शादी की छात्रा खनक को प्रथम स्थान मिला। एका ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सुरैला की छात्रा शालिनी ने सातवां और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय नगर क्षेत्र की छात्रा सौम्या शर्मा आठवें स्थान पर रही। मन की बातपहले मैं बोलने में संकोच करती थी। मीना मंच की गतिविधियों ने मुझे समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। समूह गतिविधियों के माध्यम से टीम के साथ काम करना सीख है। मीना मंच ने मुझे एक अच्छी छात्रा बनाया बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा दिखाई। - आराध्यामीना मंच से जुड़ने से मेरे अंदर आत्मविश्वास जागा। मेरे व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आया है। अब मैं लोगों के सामने बेझिझक होकर अपनी बात रख सकती हूं। मैं अपने आसपास की समस्याओं को समझ सकती हूं और उनका निदान कराने का प्रयास कर सकती हूं। - भव्यामीना मंच ने हमें सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा है। मीना मंच ने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शिक्षा, स्वास्थ्य, लैगिंग समानता और बाल अधिकार के प्रति जागरूक किया है। मीना मंच ने नेतृत्व करना, टीम के साथ कार्य करना और जिम्मेदारी उठाना सिखाया है। - माधवीमुझे पहले मंच देखते ही डर लगता था। माइक, कैमरा देखकर शब्द भी भूल जाती थी। एक दिन स्कूल की शिक्षिका ने मुझे मीना मंच के कार्यक्रम में बोलने के लिए तो कुछ समझ नहीं आया। फिर हिम्मत कर एक कविता पढ़ी। सभी ने सराहना की तो हौंसला बढ़ता गया। - आसमामैंने उत्साह और लगन से मीना मंच ज्वाइनिंग किया था। शुरूआत में अधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं के सामने बोलने में संकोच करती थी, लेकिन बार-बार अभ्यास करने से अब फटाफट जवाब देने लगी हूं। मीना मंच मेरे जीवन में एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया है। - राधापहले मैं मंच पर जाने से घबराती थी और किसी भी प्रकार की गतिविधियों में भाग नहीं लेती है। जब शिक्षक कोई प्रश्न करते थे तो उत्तर जानते हुए भी जवाब नहीं देती थी। धीरे-धीरे मीना मंच की गतिविधियों में भाग लेने लगी तो यह डर निकल गया है। - मर्जिनामीना मंच के माध्यम से छात्राएं अपनी समस्याओं को साझा करती हैं और आपसी सहयोग से उनका समाधान ढूंढती हैं। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने को एक मंच प्रदान करता है। - मनीषा रानीमीना मंच से शिक्षा और जागरूकता बढ़ी है। जो लड़कियां पहले स्कूल नहीं आती थीं, उन्हें मीना मंच के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। जिससे वे नियमित रूप से स्कूल आ रही हैं और अपने एवं समाज के प्रति जागरूक हो रही हैं। - लता शर्मा

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