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तहसीलदार की मनमानी पर अधिवक्ताओं की नारेबाजी

तहसीलदार की मनमानी पर अधिवक्ताओं की नारेबाजी

केसीसी की फाइलों में तहसीलदार द्वारा दाखिला खारिज न करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अधिवक्ताओं ने तहसील टूंडला में अधिकारियों के चैम्बरों के बाहर खड़े होकर जमकर नारेबाजी की। जिसकी भनक जिलाधिकारी को भी हुई। जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले में तहसीलदार टूंडला को गुरुवार को अपने समक्ष तलब किया है। केसीसी की फाइलों में अगर किसान ने 10 बीघा जमीन से एक बीघा जमीन भी बेची है, तो भी फाइलों में दाखिला खारिज नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार एसोसिएशन टूंडला के पूर्व अध्यक्ष राहुल कुमार सिंह एडवोकेट ने बताया कि अगर किसी किसान पर केसीसी का ऋण है और उसने अपने 10 बीघा में से एक बीघा जमीन बेची है तो उसका दाखिला खारिज हो जाना चाहिए। वह नौ बीघा बचे हुए खेत से अपना ऋण अदा कर सकता है। जनपद की अन्य तहसीलों में सम्बंधित तहसीलदार ऐसा कर रहे हैं। केवल टूंडला में ही किसानों के सामने समस्या खड़ी कर दी गई है। अधिवक्ताओं द्वारा बुधवार को इस बात का विरोध करते हुए तहसील टूंडला में अधिकारियों के कक्षों का घेराव किया। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार की मनमानी से नाराज होकर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं के उग्र रूप को देखकर अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए। उपजिलाधिकारी टूंडला डा़ सुरेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरे प्रकरण को समझने के बाद मामले से जिलाधिकारी नेहा शर्मा को अवगत कराया। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही उन्होंने तहसीलदार टूंडला राजेश कुमार वर्मा को गुरूवार को अपने कार्यालय में तलब किया है।

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  • Web Title:The sloganeering of the lawyers about the Tehsildar