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परिजनों की देरी और सरकारी उपेक्षा ने ले ली छात्रा की जान

परिजनों की देरी और सरकारी उपेक्षा ने ले ली छात्रा की जान

1 / 2शिकोहाबाद। भारत सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक कई ऐसे घर हैं जहां पर शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका...

परिजनों की देरी और सरकारी उपेक्षा ने ले ली छात्रा की जान

2 / 2शिकोहाबाद। भारत सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक कई ऐसे घर हैं जहां पर शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका...

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भारत सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक कई ऐसे घर हैं जहां पर शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। नगर पालिका परिषद से लेकर जिला प्रशासन खुले में शौच से मुक्ति के लिए अभियान चला रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं कुछ ऐसे भी लोग मौजूद हैं जो सरकारी उपेक्षाओं के चलते लोगों के शौचालय नहीं बनवा पा रहे हैं। छात्रा के घर में शौचालय नहीं होने के चलते फांसी के फंदे पर झूल गई।

जलभराव में जाने में शर्म आती थी

छात्रा खुले में शौच जाने से असहज महसूस करती थी। वह प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रभावित थी यही कारण है कि वह बार बार अपने परिजनों से घर में शौचालय बनवाने के लिए गुहार लगा रही थी। बरसात के चलते घर के आसपास के इलाकों में पानी भरा हुआ है। पानी भरा होने के चलते उसे खुले में शौच के लिए स्थान नहीं था।

पालिका में प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं: भाई

मृतका के चचेरे भाई सोनू ने बताया कि परिजनों ने नगर पालिका सहित स्थानीय प्रशासन को शौचालय निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुबह भी घर में मां से शौचालय को लेकर कहासुनी हुई थी। उसके बाद छात्रा ने यह कठोर कदम उठा लिया। इस कदम की घर में किसी को उम्मीद नहीं थी।

पिता सिक्योरिटी गार्ड, छात्रा तीन भाई बहन थे

छात्रा के पिता अवनीश यादव आगरा में किसी निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत है। घर मे छात्रा हेमा के साथ उसकी मां मंजू देवी, छोटी बहन अन्नू, छोटा भाई यदुंवीर है। मां गृहणी है। जबकि पिता कभी कभी अवकाश लेकर घर आते थे।

आश्वासन दिया था पिता ने

परिजनों ने बताया कि घर में शौचालय के निर्माण का आश्वासन दिया था कि पिता के आने के बाद शौचालय बनवा दिया जाएगा। लेकिन छात्रा को इंतजार नहीं हुआ। मां मजू देवी का कहना है कि बच्चों को पढाने के लिए वह गांव से शहर में आई थी। उसे नहीं मालूम था कि उसकी बच्ची ऐसा कदम उठा लेगी। सूचना मिलते ही पिता भी आगरा से जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया।

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  • Web Title:The life of the student took away the family s delay and government neglect