
अंक तालिकाएं चोरी मामले ने पकड़ा तूल, आंदोलन की चेतावनी
Firozabad News - उत्तर प्रदेश में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान केंद्र से 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच के शिक्षकों की मूल अंक तालिकाएं चोरी हो गई हैं। शिक्षक संघ ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, लेकिन पुलिस ने इससे इनकार किया है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान केंद्र (डायट) से विशिष्ट बीटीसी 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच के शिक्षकों की मूल अंक तालिकाएं चोरी होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जिलाध्यक्ष डॉ. शौर्यदेव मणि यादव का कहना है, कि सुप्रीम कोर्ट ने परिषदीय स्कूलों के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी और सी-टेट करना अनिवार्य कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 27 नवंबर 18 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं। जिसमें विशिष्ट बीटीसी की मूल अंक तालिकाओं के अंक भरना आवश्यक है।

लेकिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र पर 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच के एक हजार शिक्षकों की मूल अंक तालिकाएं चोरी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागीय अधिकारियों द्वारा इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही है, जबकि पुलिस इनकार कर रही है। इसको देखते हुए लगता है, कि डायट पर तैनात कर्मचारी भी कहीं न कहीं संदेह के घेरे में हैं। अगर अभी शिक्षकों को मूल अंक तालिकाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती तो चोरी होने का मामला भी ठंडे बस्ते में पड़ा रहता। टीएफआई की राष्ट्रीय सचिव कल्पना राजौरिया का कहना है कि शासन द्वारा शिक्षकों के अभिलेख सुरक्षित रखने के लिए अलमारियों की व्यवस्था की जाती है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान केंद्र से चार बैच के शिक्षकों की मूल अंक तालिकाएं चोरी होना किसी बड़ी घटना का संकेत है। विभागीय अधिकारी इसे छुपाना चाहते हैं, इसलिए उच्चाधिकारियों को इस मामले की जांच करानी चाहिए। क्योंकि जिले के एक हजार से अधिक शिक्षकों के भविष्य का सवाल है।

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