Tax recovery case on industries reaching the high court - हाईकोर्ट तक जा पहुंचा उद्योगों पर टैक्स वसूली का मामला DA Image

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हाईकोर्ट तक जा पहुंचा उद्योगों पर टैक्स वसूली का मामला

कांच नगरी के इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगों पर टैक्स लगाने का मामला अब हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। कोर्ट ने औद्योगिक इकाइयों पर लगाए जा रहे हाउस टैक्स, वाटर टैक्स के मामले में हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप कर दिया है। अदालत ने निगम के कर निर्धारण अधिकारी को पहले याची के प्रत्यावेदन के बिंदुओं को तय करने के दिए हैं।

नगर निगम फिरोजाबाद उद्योग विभाग द्वारा नगला भाऊ पर विकसित इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित औद्योगिक इकाइयों पर गृहकर और जलकर वसूलने की कोशिश में जुटा हुआ है। निगम के अधिकारी अपनी आमदनी बढ़ाने को उद्योग पर यह टैक्स लगा रहे हैं। इस संबंध में निगम द्वारा उद्योगों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। निगम के अधिकारी नगर निगम घोषित होने की तारीख चार अगस्त 2014 से उद्योगों पर टैक्स आरोपित कर रहे हैं। जिस पर इंडस्ट्रियल एरिया की दो इकाई इंदिरा साइंटिफिक ग्लास और श्रीनाथ ग्लास इंडस्ट्रीज ने नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। याचिका में निगम द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगों से टैक्स वसूलने को गलत बताया गया।

याचिका में उद्यमियों ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया की जमीन सरका की है। जिस पर उद्योग को बनाई गई बिल्डिंग हमारी है। जिस पर हम अन्य सभी टैक्स सरकार को देते हैं। यहां पर सड़कें, नाली निर्माण विकास कार्य उद्योग विभाग कराता है। जब कि नगर नगर निगम ने अभी तक कोई कार्य कराया। यहां तक कि साफ सफाई तक नहीं कराई गई। याची ने कहा कि नगर निगम द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया में इकाइयों से टैक्स लिया जाना गैर कानूनी है। इधर गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति भारती सप्रू एवं विवेक वर्मा की पीठ ने नगर निगम को आदेश पारित कर दिया। अदालत ने निगम के कर निर्धारण अधिकारी को टैक्स लगाने से पहले याची के प्रत्यावेदन के बिंदुओं को तय करने के निर्देश दिए हैं।

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