Hindi NewsUttar-pradesh NewsFirozabad NewsSupreme Court s Empowered Committee to Review Restrictions on Glass Industry in Firozabad
सीईसी की सिफारिश पर टिकी कांचनगरी के उद्यमियों की उम्मीदें

सीईसी की सिफारिश पर टिकी कांचनगरी के उद्यमियों की उम्मीदें

संक्षेप: Firozabad News - कांच नगरी फिरोजाबाद के उद्यमियों को सीईसी से राहत की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने टीटी जॉन अथॉरिटी द्वारा लगाए गए उद्योगों पर प्रतिबंधों के खिलाफ सुनवाई शुरू की है। सीईसी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उद्योग की स्थिति को सुधारने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

Mon, 17 Nov 2025 12:02 AMNewswrap हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
share Share
Follow Us on

अब सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी की सिफारिश पर कांच नगरी के उद्यमियों की उम्मीद टिक गई है। शहर के चूड़ी एवं कांच उद्यमियों ने सीईसी से राहत मिलने की आस लगा रखी है। जिससे शहर का चूड़ी एवं कांच उद्योग टीटी जोन अथॉरिटी की बंदिशों से मुक्त हो सके। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीटी जॉन अथॉरिटी ने फिरोजाबाद के कांच उद्योग पर कई तरह की बंदिश लगा रखी है। अथॉरिटी द्वारा ताज संरक्षित क्षेत्र में आने वाले फिरोजाबाद में गैस चालित नए उद्योगों की स्थापना पर रोक लगा रखी है। पूर्व से नेचुरल गैस से संचालित हो रही कांच इकाइयों में क्षमता विस्तार को भी प्रतिबंधित कर दिया है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

शहर की घनी आबादी में संचालित हो रही औद्योगिक इकाइयों की शहर से बाहर किसी अन्य स्थान पर शिफ्टिंग किए जाने पर भी रोक लगा दी गई है। टीटी जोन अथॉरिटी द्वारा लगाई बंदिशों के चलते कांच नगरी का औद्योगिक विकास लगातार बाधित हो रहा है। नेचुरल गैस से संचालित होने वाले किसी नई कांच कारखाने की स्थापना भी नहीं हो पा रही है। वहीं दूसरी तरफ उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली कांच इकाइयों पर भी कार्यवाही की तलवार लटकी हुई है। क्षमता विस्तार करने की आरोपी शहर की पांच दर्जन कांच इकाइयों का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रायल एंपावर्ड कमेटी का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी एंपावर्ड कमेटी सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पूर्व सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी टीटी जोन के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय लिया जाएगा। इ