
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह से सुलझे 1.54 लाख वाद
Firozabad News - शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 1.54 लाख वाद निस्तारित किए गए। इस दौरान 13 करोड़ रुपये की धनराशि अर्थदण्ड और समझौता के रूप में वसूल की गई। न्यायालय का उद्देश्य समाज में शांति और समरसता स्थापित करना है।
जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इसमें न्यायिक अधिकारियों ने बैंक और अन्य विभागों के सहयोग से 1.54 लाख वाद निस्तारित कराए। अर्थदण्ड एवं समझौता राशि के रूप में 13 करोड़ की धनराशि वसूल की गई। अतिथियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायूमर्ति जसप्रीत सिंह ने शुभारंभ करते हुए कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है, कि इसमें समाधान केवल कानूनी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आपसी समझ और विश्वास के आधार पर होता है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और व्यवहारिक रहता है। न्यायालय का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि समाज में शांति और समरसता स्थापित करना भी है।

जिला न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय तक पहुंचने का एक सशक्त, सरल और प्रभावी माध्यम है। राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.54 लाख से अधिक वाद निस्तारित किए गए। जिसमें अर्थदंड एवं समझौता की राशि 13 करोड़ से अधिक वसूल की गई। उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायूमर्ति ने न्यायालय परिसर में नई हवालात का शिलान्यास भी किया। मौके पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी महेंद्र सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार सिंह द्वितीय, डीएम रमेश रंजन, एसएसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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