बोले फिरोजाबाद: दादी-नानी के नुस्खों के साथ वैदिक संस्कृति को जानेंगे बच्चे

बोले फिरोजाबाद: दादी-नानी के नुस्खों के साथ वैदिक संस्कृति को जानेंगे बच्चे

संक्षेप:

Firozabad News - फिरोजाबाद में एनसीईआरटी ने इंडियन नॉलेज सिस्टम को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इसका उद्देश्य बच्चों को प्राचीन शिक्षा पद्धति से जोड़ना है। एकल परिवारों में बच्चों की सामाजिक समझ कम हो रही है, इसलिए यह...

Sep 07, 2025 01:57 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। इंडियन नॉलेज सिस्टम यानी आईकेएस। एनसीईआरटी ने इसे पाठक्रम में शामिल कर दिया है। हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित में इसे समाहित करने के पीछे मंशा है बच्चों को प्राचीन शिक्षा पद्धति से परिचित करना। बदलते दौर में परिवार एकल हो रहे हैं। संयुक्त परिवार थे तो दादा-दादी के बीच रहते हुए बच्चे कई नुस्खे भी समझने लगते थे। संयुक्त परिवार में बुजुर्ग डॉक्टर की दवाई से पहले घर में ही इस्तेमाल होने वाली चीजों से छोटे-मोटे इलाज कर दिया करते थे तो दादा-दादी की कहानियों से सामाजिक समझ भी विकसित होती थी, लेकिन आज एकल परिवार में बच्चे इससे दूर हो रहे हैं।

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इसके लिए एनसीईआरटी ने पाठक्रम में इंडियन नॉलेज सिस्टम को जोड़ा है। नए पाठक्रम को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित भी किया जा रहा है, ताकि शिक्षक बच्चों को इन्हें समझा सकें। हिन्दुस्तान ने बोले फिरोजाबाद के तहत जब इंडियन नॉलेज सिस्टम का प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों से संवाद किया तो शिक्षकों ने कहा कि आज के वक्त में इस शिक्षा की काफी जरूरत है। बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए उन्हें प्रकृति का महत्व बताया जाएगा। दादा-दादी के नीम एवं हल्दी के नुस्खों में काफी इलाज छिपा रहता है, लेकिन आज के बच्चों तक इसका ज्ञान नहीं पहुंच रहा है, क्योंकि परिवार अब एकल हो गए हैं लिहाजा उन्हें भी इसमें शामिल किया है। वहीं योग शिक्षा का भी इसमें समावेश है। शिक्षकों का कहना था कि भारत की प्राचीन वैदिक शिक्षा पूर्ण थी। बाद में मुगल एवं अंग्रेजी शासकों ने आक्रमण किए तो शिक्षा का स्वरूप बदलता गया। रामायण का पुष्पक विमान ही आज का वायुयान था तो जीरो का अविष्कार भी भारत में वैदिक शिक्षा से हुआ। इंडियन नॉलेज सिस्टम में हम पढ़ाई के साथ बच्चों को संस्कृति एवं प्राचीन ज्ञान से परिचित कराएंगे। छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ में प्रकृति से भी परिचित कराया जाएगा, ताकि छात्र अपने परिवेश को समझ सकें। आगामी दिनों में बच्चों को इसके लाभ देखने को मिलेंगे। साथ ही उनका सर्वांगीर्ण विकास होगा। - धर्म सिंह भारतीय ज्ञान प्रणाली काफी प्राचीन है। बस उस प्राचीन ज्ञान को समझने की जरूरत है। एनसीईआरटी ने इसे शामिल किया है। इससे बच्चों को जहां नए ज्ञान की प्राप्ति होगी तो शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाने में आसानी होगी। बच्चे अपने देश की वृहद संस्कृति को करीब से जानेंगे और फिर उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे। - मालती इससे बच्चों में भारतीय संस्कृति के जानने की समझ विकसित होगी। बच्चे पढ़ाई के साथ में प्रकृति एवं पर्यावरण से भी जुड़ेंगे। इससे बच्चों को कई नई जानकारी भी मिलेंगी। इंडियन नॉलेज सिस्टम बच्चों के सर्वांगीण विकास में मददगार होगा। साथ ही बच्चों को अपने परिवारों और पुर्वजों को जानने का भी मौका मिलेगा। - सुनील कुमार इंडियन नॉलेज सिस्टम बच्चों एवं शिक्षकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसमें बच्चों को पुरातन ज्ञान से परिचित कराया जाएगा। आर्यभट्ट जैसे विद्वान हमारी संस्कृति में रहे हैं, जो काफी पहले ही कई खोज कर चुके थे, जिनके आधार पर ही आज कई कार्य हो रहे हैं। बच्चों को इन्हें समझाने की जरूरत है। - रामनिवास भारत की संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहरों को बनाए रखने के लिए जिस तरह की शिक्षा की जरूरत है। उसे इंडियन नॉलेज सिस्टम के जरिए बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने इस हिसाब से पाठ्य पुस्तकों में भी परिवर्तन किया है, ताकि बच्चे इससे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इससे बच्चों को भविष्य में लाभ होगा। - सत्यप्रकाश आज बच्चों को किताबी शिक्षा संग व्यवहारिक शिक्षा देना जरूरी है। इंडियन नॉलेज सिस्टम इसके लिए ही है। इसमें हम बच्चों को पर्यावरण से जुड़ी जानकारी देंगे, क्योंकि आज ग्लोबल वार्मिग बढ़ रही है। अगर बच्चों में बचपन से इसकी समझ पैदा होगी तो वह पर्यावरण के प्रति भी संजीदा होंगे तथा समाज भी बच सकेगा। - हरीशंकर इंडियन नॉलेज सिस्टम से बच्चे उम्र के हिसाब से नया सीख सकेंगे। प्रकृति एवं पर्यावरण को समझ सकेंगे तो संस्कृति से भी परिचित होंगे। इसके बाद में उन्हें किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं पुरातन काल के उस ज्ञान से भी परिचित होंगे, जो देश को सिरमौर बनाता था। - रजनी वर्मा इंडियन नॉलेज सिस्टम भारतीय संस्कृति को समझने की सीख देता है। पुराने वक्त का काफी ज्ञान विलुप्त होता जा रहा है। इस स्थिति में प्राचीन ज्ञान को जोड़ते हुए बच्चों को हम शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। जैसे हमारी पाठ्य पुस्तिका का नाम है वीणा। इस पुस्तक के नाम से हम बच्चों को वाद्य यंत्रों से भी परिचित कराते हैं। - विप्र चंद्र इंडियन नॉलेज सिस्टम को स्कूलों में लागू किया जा राह है। भारतीय संस्कृति, पर्यावरण एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति बच्चों में समझ बढ़ाई जा रही है। पुस्तकों के नाम भी इस तरह से रखे गए हैं, जिससे बच्चे वाद्य यंत्रों से परिचित हो सकें। सारंगी, मृदंग जैसे वाद्य यंत्रों पर पुस्तकों के नाम हैं। बच्चों में इससे नई समझ भी पैदा होती है। - आशा यादव इंडियन नॉलेज सिस्टम से बच्चे उम्र के हिसाब से नया सीख सकेंगे। प्रकृति एवं पर्यावरण को समझ सकेंगे तो संस्कृति से भी परिचित होंगे। इसके बाद में उन्हें किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं पुरातन काल के उस ज्ञान से भी परिचित होंगे, जो देश को सिरमौर बनाता था। - रजनी वर्मा आज संस्कृति विलुप्त होती जा रही है। इस स्थिति में इंडियन नॉलेज सिस्टम से आने वाली पीढ़ी को हम संस्कृति एवं सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराएंगे। इसके साथ में उन्हें समझाएंगे कि भारतीय संस्कृति में पुरातन ज्ञान कितनी उच्च कोटि का था, ताकि बच्चे इसे आसानी से समझ सकें। - सारिका