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मतदान के दिन कारखाने बंद करने पर हाईकोर्ट का संज्ञान

नगर निकाय चुनाव के मतदान के दिन कारखानों को बंद रखे जाने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। अदालत ने याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर सहमति जताते हुए राज्य सरकार के अधिवक्ता को शासन का पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान के दिन कारखानों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के विरोध में नगर की इकाई बेबी ग्लास वक्र्स आगरा रोड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में मतदान के दिन कारखानों को बंद रखे जाने और श्रमिकों को सवेतन अवकाश दिए जाने संबंधी शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याची इकाई ने शासन, प्रशासन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। गुरुवार को न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं अशोक कुमार की पीठ ने याचिका की सुनवाई की। जहां याची के अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी ने अदालत को अवगत कराया कि शासन ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135 बी के तहत नगर निकाय चुनाव के मतदान के दिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं कारखानों को बंद रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में डीएम फिरोजाबाद नेहा शर्मा ने हाल ही में जनपद में 29 नवम्बर को होने जा रहे मतदान के दिन उद्योग एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाने का आदेश जारी कर दिया है। जिसमें सिर्फ अविरल प्रक्रिया (24 घंटे चलने वाले) कारखानों को इस शर्त के साथ बंदी से छूट दी गई थी कि वे फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों को मतदान के लिए पूर्ण अवसर प्रदान करेंगे। याची के अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की शासनादेश में दर्शायी गई धारा 135 बी लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव पर लागू होती है। नगर निकायों के चुनाव पर यह अप्रभावी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अधिवक्ता को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिस पर उन्होंने सरकार से तथ्यों की जानकारी के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। लेकिन अदालत ने जनपद में मतदान की तिथि नजदीक होने के कारण सप्ताह भर का समय देने से इंकार कर दिया। याचिका पर अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

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  • Web Title:High court notice on closure of factory on polling day