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1 जुलाई, 2020|6:36|IST

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कौशल विकास पर सकारात्मक सोच के साथ ध्यान केंद्रित करें

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राष्ट्रीय सेवा योजना एवं यूनिसेफ द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत के नए क्षितिज की दस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 7 जुलाई तक किया जा रहा है। कार्यशाला में शिक्षक, विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और इस विषय में रुचि रखने वाले व्यक्तियों ने सहभागिता की। महात्मा गांधी बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज फिरोजाबाद ‌की संयोजिका डॉ संध्या द्विवेदी के द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभागियों और अतिथिगणों का स्वागत किया।

जीवन कौशल एवं युवा विषय पर कार्यशाला के मुख्य वक्ता राज्य सम्पर्क अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना लखनऊ डॉ अंशुमाली शर्मा ने कहा कि आज के युवाओं को कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। युवाओं को जीवन कौशल के व्यवहार को सकारात्मक बनाना होगा तभी वह जीवन कौशल को पहचान पाएंगी। अपने जीवन में आगे बढ़ाने के लिए सुनियोजित लापरवाही को अपनाना चाहिए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन, कड़ी मेहनत, पक्का इरादा आदि इन चार बातों पर अमल करने पर जोर दिया। आप खुद अपने आप में आत्मनिर्भर होंगे तभी भारत को आत्मनिर्भर बना पाएंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ एबी चौबे ने किया। संयोजिका डॉ संध्या द्विवेदी, नोडल अधिकारी डॉ नवीन महेश्वरी, सह संयोजिका डॉ अनिता चौरसिया, यूनिसेफ के कम्यूनिकेशन ऑफिसर डॉ दयाशंकर, समन्वयक डॉ रामवीर सिंह चौहान ने विचार रखे। डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ रामवीर सिंह चौहान ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला के अन्त में नोडल अधिकारी डॉ नवीन महेश्वरी ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।

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  • Web Title:Focus on skill development with positive thinking