खाद नहीं मिलने पर खैरगढ़ में किसानों ने दिनभर दिया धरना

खाद नहीं मिलने पर खैरगढ़ में किसानों ने दिनभर दिया धरना

संक्षेप:

Firozabad News - खैरगढ़ में किसानों ने खाद न मिलने पर साधन सहकारी समिति के बाहर धरना दिया। सचिव ने उन्हें आश्वासन दिया कि बुधवार सुबह 8 बजे से खाद वितरण होगा। इसी तरह फिरोजाबाद के रूपसपुर में भी किसानों ने सचिव पर चहेतों को खाद देने का आरोप लगाया, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं।

Nov 05, 2025 12:11 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
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खैरगढ़। कस्बा खैरगढ़ स्थित साधन सहकारी समिति पर मंगलवार को खाद लेने आए किसानों को खाद न मिलने पर गुस्सा पनप गया। आक्रोशित किसानों ने साधन सहकारी समिति के प्रांगण में ही धरना शुरू कर दिया। मंगलवार को धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि साधन सहकारी समिति खैरगढ़ पर तैनात सचिव एवं आंकिक सुबह से दिलासा देते रहे कि खाद बांटेंगे। अपने चहेते को खाद का वितरण तो कर दिया लेकिन जो सुबह से खड़े थे उनको खाद नहीं मिल पाई। सचिव एवं आंकिक समिति पर ताला लगा कर चले गए जिससे आक्रोशित किसान धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि आलू बुवाई के लिए समय निकला जा रहा है लेकिन समय से खाद न मिलने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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काम छोड़कर सुबह से साधन सहकारी समिति पर पहुंच जाते हैं फिर भी खाद उपलब्ध नहीं हो पाती। किसानों ने कहा कि अगर मनमानी को लेकर प्रशासन ने जांच कराकर कार्रवाई नहीं की तो लगातार धरना दिया जाएगा। धरने पर आक्रोशित किसानों मं कपिल देव, रामनरेश, संजय कुमार,अख्तर खान, रीमेस आदि मौजूद रहे। किसानों का आश्वासन पर धरना खत्म हुआ साधन सहकारी समिति खैरगढ़ पर धरना की जानकारी होते ही थाना प्रभारी खैरगढ़ राकेश कुमार धरना स्थल पर देर शाम पहुंचे। किसानों की समस्या को सुनते हुए साधन सहकारी समिति पर तैनात सचिव से फोन द्वारा वार्ता की। किसानों को खाद वितरण संबंधी जानकारी ली। सचिव द्वारा बुधवार की सुबह 8 बजे से किसानों को खाद वितरण करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद किसानों को समझाया तब किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। रूपसपुर में किसानों की अनदेखी का आरोप फिरोजाबाद। प्रदेशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति रूपसपुर पर मंगलवार को चहेतों को खाद को सचिव देते रहे लेकिन जो लाइन में लगे थे उन जरूरतमंदों को खाद नहीं मिली। मामले की किसानों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन सचिव ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। गुस्साए किसानों का कहना है कि उनकी फसल नहीं बो पा रही और आलू के खेत खराब हो जाएंगे। किसानों के कागजों को लेने के बाद भी खाद को नहीं दिया जा रहा।