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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश फिरोजाबादकिसानों ने खेतों से गोवंश पकडे और पीएचसी में किया कैद

किसानों ने खेतों से गोवंश पकडे और पीएचसी में किया कैद

हिन्दुस्तान टीम,फिरोजाबादNewswrap
Thu, 02 Dec 2021 08:20 PM
किसानों ने खेतों से गोवंश पकडे और पीएचसी में किया कैद

आखिर गुरुवार को अन्नदाता का सब्र भी जवाब दे गया। हर रोज खेतों में पशु दौड़ रहे थे। फसल रौंद रहे थे। कई शिकायतें कीं, लेकिन ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने सुना ही नहीं। सर्द रातों में लाठी लेकर खेतों में दौड़ते किसान ने गुरुवार को फिर गोवंश को दौड़ाने के लिए लाठी उठाई, लेकिन इस बार गोवंश को खेत से बाहर ही नहीं खदेड़ा, बल्कि सरकारी अस्पताल में लाकर बंद कर दिया। मौके पर खंड विकास अधिकारी पहुंचे। देर शाम तक गोवंश को पीएचसी से निकाल पड़ोस के पशु अस्पताल में पहुंचाने का कार्य़ चल रहा था।

कोटला के कई गांव में बेसहारा गोवंश का आंतक है। यह किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुरुवार को नगला नेग एवं कोटला के किसानों ने एकजुट होकर खेतों में दौड़ते गोवंश को दौड़ाना शुरू किया। हर तरफ से घेरते हुए इन्हें कोटला पीएचसी पर लाए तथा अंदर कर गेट को बंद कर दिया। जानकारी मिलने पर सिकंदरपुर व लतीपुर के किसानों ने भी अपने क्षेत्र में घूम रहे गोवंश को घेरकर कोटला तक खदेड़ा एवं पीएचसी पर लाकर बंद कर दिया। पीएचसी में 100 से 150 गोवंश पहुंचने की खबर मिलने पर दोपहर 12 बजे खंड विकास अधिकारी सतेंद्र पाल सिंह पहुंचे। किसानों से जानकारी ली तो किसानों ने कहा कोई सुनवाई नहीं है। कब तक फसलों का नुकसान झेलें। एक बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन जग्गी पहुंचे। पांच बजे अधिकारियों ने गोवंश को पीएचसी से निकलवा पशु चिकित्सालय कोटला में पहुंचाने की व्यवस्था की। शाम तक पशु चिकित्सालय में चारे-पानी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का कहना था कि सरकार गायों के लिए इतना खर्च कर रही है, लेकिन सुबह से बंद गायों के लिए यहां पर किसी ने चारे की भी व्यवस्था नहीं की है।

ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही

किसान नीटू कहते हैं सरकार बेसहारा गोवंश को गोशाला भेजने के लिए कह रही है। जिला प्रशासन भी आदेश कर रहा है, लेकिन ब्लॉक के अधिकारी सुनते नहीं हैं। नरेंद्र सिंह एवं बलराम ने कहा कि किसान भी कब तक फसल में नुकसान झेलें। घनश्याम, निन्नूराम, महीपाल, सतेंद्र, नीटू, लाखन सिंह, विक्रम सिंह, भूरे सिंह, कृष्ण गोपाल, निन्नूराम, हनीफ खां, गुलजारी खां, शराफत अली ने भी रोष व्यक्त किया।

कमरों में कैद हुए डॉक्टर एवं स्टाफ

कोटला पीएचसी पर हर तरफ गोवंश था। सुबह से भूखे प्यासे गोवंश इधर से उधर दौड़ रहे थे। कई बार आपस में झगड़ उठते। इसके चलते डॉक्टर एवं स्टॉफ भी कमरे में ही बंद हो गए। पीएचसी पर आने वाले मरीज भी यहां से वापस लौट गए।

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