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12 जुलाई, 2020|2:13|IST

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चरमराई विद्युत व्यवस्था का शिकार हुए जिले के अधिकारी

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आम जनता ही नहीं अब जिले के अधिकारी भी बिजली की चरमराई व्यवस्था का शिकार होने लगे हैं। शुक्रवार मध्य रात के बाद अचानक बिजली व्यवस्था भंग होने से जिला मुख्यालय स्थित डीएम कंपाउंड कॉलोनी में हड़कंप मच गया। नगर मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई सूचना पर ही विद्युत आपूर्ति सुचारू की जा सकी।

जनपद में विद्युत व्यवस्था किस तरह चरमरा गई है। इसकी जानकारी जिले के उच्च अधिकारियों को भी हो चुकी है। भीषण गर्मी के दौरान बिजली कब चली जाए कोई पता नहीं। डीएम कंपाउंड कॉलोनी में रात को अचानक बिजली बंद होने से हड़कंप मच गया।

जिला मुख्यालय स्थित डीएम कंपाउंड में सिविल लाइन विद्युत उपग्रह से बिजली आपूर्ति की जाती है। मध्य रात के बाद अचानक केबिल क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह भंग हो गई। बिजली के ना होने से कॉलोनी में निवास करने वाले उच्चाधिकारियों के अलावा कर्मचारियों की भी नींद उड़ गई। जब काफी समय बाद बिजली सुचारू नहीं हो सकी तो नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज ने फोन द्वारा इसकी सूचना विद्युत अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही अवर अभियंता रामयज्ञ अपनी टीम सहित मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयासों के बाद ही बिजली आपूर्ति को सुचारु किया जा सका। पिछले सात दिनों से जिस तरह विद्युत कटौती की जा रही है उससे आम जनमानस बुरी तरह कराह उठा है।

अधिकारी नहीं उठाते फोन

बिजली आपूर्ति भंग होते ही विभागीय अधिकारी अपने फोनों को व्यस्त कर लेते हैं ताकि उन्हें लोगों की शिकायत का सामना न करना पड़े।

गणेश नगर में भी बत्ती गुल

स्मार्ट मीटर लगने और एक पेड़ की शाखा टूटकर केबल पर आने के चलते गणेश नगर में भी बत्ती गुल रही। इस दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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  • Web Title:District officials became victim of extreme power system