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सपा से हो विधायक हरिओम की बर्खास्तगी

सपा से हो विधायक हरिओम की बर्खास्तगी

सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कुछ महीने पहले सिरसागंज से पार्टी के विधायक हरिओम यादव पर दगाबाजी का आरोप लगाकर पार्टी से किनारा करने की घोषणा की थी। इसके बाद हरिओम किसी कार्यक्रम में पार्टी के साथ नहीं दिखे। पिछले दो दिनों से लगातार विधायक और उनके बेटे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह यादव द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद पर की जा रही टीकाटिप्पणी, आरोप प्रत्यारोपों के बाद सपा विरोध में खड़ी हो गई है। बेटे विजय प्रताप के निष्कासन के बाद अब पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधायक के भी 48 घंटे में निष्कासन की मांग कर रहे हैं। वहीं पिता पुत्र पर जमकर आरोप लगाए हैं। सपा एमएलसी डॉ. दिलीप यादव के प्रतिष्ठान पर हुई वार्ता के दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुमन देवी सविता ने कहा कि विधायक और उनके पुत्र द्वारा शिकोहाबाद में आयोजित सभा के दौरान प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उनके बेटे सांसद अक्षय पर लगाए हैं। आरोपों को लेकर कहा कि किशनदासपुरा कांड में शिवपाल यादव आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे तब इन्ही हरिओम यादव ने उनको अपमानित करा आंदोलन को कमजोर करने का कार्य किया था।

डिंपल के चुनाव हारने पर हुए थे निष्कासित

जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब 2009 में डिंपल यादव फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं तब उन्हें लड़ाने में मुख्य भूमिका हरिओम यादव और अजीम भाई की ही थी परंतु डिंपल यादव चुनाव हार गईं। तब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस हार की जिम्मेदारी हरिओम यादव के ऊपर डाल पार्टी से निष्कासित कर दिया था। प्रोफेसर रामगोपाल यादव की कृपा दृष्टि से ही इन्हें पार्टी में शामिल कराकर सिरसागंज विधानसभा से टिकट दिया था। सब जानते हैं भाजपा के एक पूर्व मंत्री से हरिओम यादव के निकट संबंध हैं। वार्ता में इंजीनियर राजीव यादव, विजय आर्या, बबलू भाई, सिंहराज यादव, रमेश चंद्र चंचल, राजेश दादा, शिवप्रताप सिंह, महेश यादव, योगेन्द्र यादव सोनू, राजकान्त सिंह, कमलेश यादव, अशफाक खान, डॉ दिनेश यादव, कल्लू गुर्जर, बंटू कठेरिया, आशू यादव, जगमोहन यादव आदि मौजूद रहे।

पूर्व मंत्री से विधायक के हैं गुरु शिष्य के संबंध

एमएलसी हरिओम यादव ने कहा कि विधायक हरिओम यादव ने यादवों को अपमानित कर कॉपरेटिव बैंक में बड़े पद पर पूर्व मंत्री भाजपा को जीत हासिल कराई थी। गुरु शिष्य के संबंध पूर्व मंत्री से निभाए थे। सांसद अक्षय से तो आज तक पूर्वमंत्री से कोई मुलाकात नहीं हुई। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा को धोखे में रखकर जिला पंचायत सदस्यों को जसराना के पूर्व विधायक को बेचने का काम किया। अन्य कई घटनाएं बयां कीं और कहा कि विधायक हरिओम ने हमेशा समाजवाद व यादववाद की आड़ में अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति करने की राजनीति की है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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  • Web Title:Dismissal of Hari Om from SP