19 साल बाद मुकदमे में पूर्व विधायक अजीम सहित चार दोषमुक्त
Firozabad News - न्यायालय ने 19 वर्ष पहले छात्र संघ चुनाव प्रक्रिया भंग करने के आंदोलन में शामिल पूर्व विधायक अजीम भाई और चार अन्य सपा नेताओं को दोष मुक्त किया है। इन पर मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ प्रदर्शन और अराजकता फैलाने का आरोप था। अदालत ने सबूतों की जांच के बाद उन्हें निर्दोष पाया।

न्यायालय ने 19 वर्ष पहले छात्र संघ चुनाव प्रक्रिया भंग कराने को आंदोलन कर जुलूस निकालकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ प्रदर्शन करने, स्थान स्थान पर पुतले फूंकने, अराजकता के मामले में पूर्व विधायक अजीम भाई सहित 5 सपाइयों को दोष मुक्त किया है। सपा के पूर्व विधायक अजीम भाई के नेतृत्व में 18 सितंबर 2007 को छात्र संघ चुनाव प्रक्रिया भंग कराने को गांधी पार्क में सभा का आयोजन किया था। बाद में पूरे शहर में जुलूस निकाला। बाद में शिकोहाबाद अड्डे पर जाम लगा दिया। वहां मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। बसपा शासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने अजीम भाई, मुकेश कुमार, गुलाम साबिर, छुट्टन खां तथा महबूब अजीज के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश एमपी एमएलए कोर्ट डा निधि यादव प्रथम की अदालत में चला। पूर्व विधायक पक्ष से मुकदमे की पैरवी नगीन खान ने की। मुकदमे के दौरान उन्होंने कई तर्क न्यायालय में पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अजीम भाई, मुकेश कुमार, गुलाम साबिर, छुट्टन खां को दोष मुक्त कर दिया। मुकदमे के दौरान महबूब अजीज की मृत्यु हो गई थी।
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