Churning on the progress of bangles and glass industry in Lucknow - लखनऊ में हुआ चूड़ी व कांच उद्योग की तरक्की पर मंथन DA Image
11 दिसंबर, 2019|7:52|IST

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लखनऊ में हुआ चूड़ी व कांच उद्योग की तरक्की पर मंथन

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शासन स्तर पर कांच नगरी में चूड़ी व कांच उद्योग की तरक्की के उपायों पर मंथन हुआ। प्रमुख सचिव ने विभागीय अधिकारियों के साथ फिरोजाबाद में चूड़ी व कांच उत्पादन से जुड़े विविध कार्यों के लिए कॉमन फेसलिटी सेंटर स्थापना की संभावनाएं तलाशीं। इस संबंध में उन्होंने अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

बुधवार को निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो लखनऊ पर संपन्न हुई बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने पर चर्चा की गई। जहां प्रमुख सचिव उद्योग नवनीत सहगल ने जिलों से पहुंचे विभागीय अधिकारियों से जनपदवार उद्योगों की समस्याएं जानीं। उन्होंने अफसरों से पूछा कि उद्योगों की दिक्कतों को किस तरह दूर किया जा सकता है। जिससे उद्योग विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकें।

प्रमुख सचिव सहगल ने फिरोजाबाद के चूड़ी व कांच उद्योग की तरक्की के लिए उद्योग से जुड़े विविध कार्यों के लिए जिले में कामन फेसलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने सीएफसी को लेकर जिले में सर्वे कर रही दिल्ली की संस्था दारा शा के प्रतिनिधि अधिकारी रेहान खान को डीसीआर के बजाय डीपीआर तैयार कर शीघ्रता से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ताकि कांच नगरी में सीएफसी स्थापना को लेकर शासन स्तर से अग्रिम कार्यवाही की जा सके।

इन कार्यों के लिए खोले जा सकते हैं सीएफसी

प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को उपायुक्त उद्योग ने अवगत कराया कि कांच नगरी में चूड़ी व कांच उद्योग के लिए मोलडिंग यानि ग्लास आयटम बनाने के लिए लोहे की डाई (सांचा), ऑटोमेटिक चूड़ी प्लांट (जहां कांच निर्मित चूड़ी की की जुड़ाई से जुड़े सभी कार्य किए जा सकें) व पैकेजिंग के लिए कॉमन फेसलिटी सेंटर स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चूड़ी व कांच उत्पादन से संबधित सीएफसी स्थापित होने पर उद्योग की अनेक तरह की समस्याओं का निराकरण हो जाएगा। इससे चूड़ी व कांच उद्योग का विकास तेज गति से हो सकेगा।

सीएफसी के लिए सरकार देगी 90 फीसदी तक अनुदान

प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने अफसरों को बताया कि उद्योग से संबंधित 15 करोड़ तक की लागत के कामन फेसलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए सरकार 90 फीसदी अनुदान सम्बंधित संस्था व उद्यमी को देगी। शेष 10 प्रतिशत धनराशि संस्था को स्वयं वहन करनी होगी। उन्होंने विभागीय अफसरों को इसकी जानकारी उद्यमी संगठनों को देने के निर्देश दिए।

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  • Web Title: Churning on the progress of bangles and glass industry in Lucknow