आईएएस से विवाद; महिला तहसीलदार के पीछे कौन? गोपनीय जांच, कई अफसरों की मुश्किलें बढ़नी तय

Yogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद, वरिष्ठ संवाददाता
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फिरोजाबाद की तहसीलदार राखी शर्मा और आईएएस अधिकारी के बीच का विवाद अब लखनऊ दरबार पहुंच गया है। तहसीलदार के पीछे कौन लोग हो सकते हैं, इसकी भी गोपनीय जांच हो रही है। इससे कई अधिकारियों और 'विभीषण' की भूमिका निभा रहे कर्मियों की मुश्किलें बढ़ना तय है।

आईएएस से विवाद; महिला तहसीलदार के पीछे कौन? गोपनीय जांच, कई अफसरों की मुश्किलें बढ़नी तय

Up News: फिरोजाबाद में तहसीलदार राखी शर्मा और आईएएस का विवाद लखनऊ पहुंचने के साथ ही पूरे यूपी में छाया हुआ है। तहसीलदार राखी शर्मा का लेखपालों के जमीन से जुड़े प्रकरण की बात उछालने और फिर प्रेसवार्ता बुलाकर आईएएस, उनके ओएसडी और दोनों लेखपालों पर गंभीर आरोपों को लगाने के पीछे प्रशासन भी षड्यंत्र मान रहा है। प्रशासन द्वारा यह गोपनीय जांच भी कराई जा रही है कि आखिर तहसीलदार के पीछे और कौन कौन ऐसे अधिकारी हैं जो विभीषण की भूमिका निभा रहे हैं।

आईएएस से विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अचानक तहसीलदार का लखनऊ मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया गया और आरोपों की जांच के लिए शासन की कमेटी गठित कर दी गई है। इससे कई अफसरों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। तहसीलदार के निशाने पर आए जिले के ओएसडी और दो लेखपाल हैं जो करोड़ों की जमीन के गोलमाल से जुड़े बताए हैं उनकी भी जांच होना स्वाभाविक है।

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फिरोजाबाद के आईएएस और दो लेखपालों, एक ओएसडी पर गुरुवार को आरोप लगाने वाली तहसीलदार टूंडला राखी शर्मा ने शुक्रवार को सारा दिन जिलेभर में हड़कंप की स्थिति पैदा कर दी थी। लखनऊ तक मामला सुर्खियों में आने के बाद शनिवार की शाम को कार्रवाई शुरू हो गई। पहली कार्रवाई के रूप में शासनस्तर से महिला तहसीलदार को राजस्व परिषद मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया।

वहीं शासन द्वारा तहसीलदार द्वारा लगाए आरोपों की जांच के आदेश भी दिए हैं। प्रकरण की जांच के दौरान तहसीलदार और जमीन के गोलमाल से जुड़े लेखपालों की मुश्किलें बढ़ेंगीं। पूरे प्रकरण में शासन स्तर से संज्ञान लेने और आरोपों की सत्यता की जांच करने वाले लखनऊ मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट पर अभी अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। तहसीलदार के आरोपों से सरकार की छवि भी खराब होने की बात सामने आ रही है।

प्रशासनिक रार और 'षड्यंत्र' की बू

सूत्रों की मानें तो जिले के कुछ अन्य रसूखदार अधिकारी भी इस आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, जिन्हें प्रशासन 'विभीषण' की संज्ञा दे रहा है। शासन की गोपनीय जांच टीम अब उन कड़ियों को जोड़ रही है कि क्या तहसीलदार को किसी आंतरिक गुटबाजी के तहत मोहरा बनाया गया है? इस पूरे प्रकरण से न केवल जिले की कानून-व्यवस्था बल्कि सरकार की साख पर भी सवाल उठे हैं, जिसके चलते अब लखनऊ से होने वाली जांच की रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि गाज केवल कर्मचारियों पर गिरेगी या कुछ और 'बड़े नाम' भी इसकी जद में आएंगे।

शिकोहाबाद में होगी नई तैनाती

तहसीलदार राखी के स्थानांतरण के बाद चार्ज नहीं लेने और अब लखनऊ संबद्ध किए जाने के बाद शिकोहाबाद तहसील में तहसीलदार के पद पर नई तैनाती की जाएगी। तहसीलदार के स्थानांतरण को लेकर भी जिले के अधिकारियों और लेखपालों द्वारा राहत महसूस की जा रही है क्योंकि जिले में तैनाती के दौरान आरोपों का दौर जारी रह सकता था।

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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