दिशा पाटनी के घर फायरिंग: गोल्डी बराड़ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार, दोनों पर था एक-एक लाख का इनाम
बरेली स्थित अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े दो शूटरों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यूपी के बरेली स्थित अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े दो शूटरों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बागपत निवासी नकुल और विजय तोमर के रूप में हुई है। दोनों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। इन पर एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच में सामने आया है कि 11 सितंबर को सुपर स्प्लेंडर बाइक से पहुंचकर इन्हीं दोनों ने दिशा पाटनी के घर फायरिंग की थी।
बता दें कि 11 और 12 सितंबर को गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े चार शूटरों ने अभिनेत्री के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी हुई थी। इनमें से 12 सितंबर को दोबारा फायरिंग करने पहुंचे इनके साथी अरुण और रविन्द्र बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। अब बरेली पुलिस नकुल और विजय तोमर को बी-वारंट पर कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी, ताकि पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
तीन दिन पहले ही दो शूटरों का हुआ था एनकाउंटर
बुधवार को अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर गोलीबारी करने के आरोपी रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को यूपी एसटीएफ और दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एनकाउंटर में मार गिराया था। दोनों शूटरों ने पिछली 12 सितंबर को तड़के करीब तीन बजकर 45 मिनट पर अज्ञात हमलावरों ने दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर कई राउंड गोलीबारी की थी जिससे इलाके में दहशत उत्पन्न हो गई थी। इस सिलसिले में बरेली कोतवाली थाने में एक मामला दर्ज किया गया था।
सीएम योगी ने दिए थे कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध के प्रति यूपी सरकार की 'बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने' की नीति दोहराते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, खुफिया जानकारी जुटाई और पड़ोसी राज्यों के रिकॉर्ड का मिलान किया, जिससे शूटरों की पहचान रोहतक निवासी रवींद्र और सोनीपत के गोहाना रोड स्थित इंडियन कॉलोनी निवासी अरुण के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बुधवार को एसटीएफ की नोएडा इकाई और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम ने गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में रवींद्र और अरुण को रोका। उन्होंने बताया कि इसके बाद हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


