
अगवा कर 20 लाख वसूलने में थानेदार और दारोगा पर FIR, जांच में खुली पुलिसिया गुंडई की पोल
यूपी में अगवा कर 20 लाख वसूलने में थानेदार और दारोगा समेत सात पर ऐक्शन हुआ। गुहार के बाद बिठाई गई जांच में दोषी पाए जाने के बाद कोर्ट ने एफआईआर के लिए आदेश दिए।
उत्तर प्रदेश में बांदा जिले में खाकी ने एक बार फिर से शर्मसार कर दिया। युवक को अगवा कर 20 लाख रुपये वसूलने और उसके बाद भी गांजा में जेल भेजने के मामले में सोमवार को कोर्ट ने अतर्रा के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एसआई और चार सिपाहियों सहित मुखबिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह आदेश एसआईटी की जांच में दोषी पाए जाने के बाद दिए हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी कमालुद्दीन पुत्र हाजी ताहिर ने मामले में कहीं सुनवाई न होने पर 25 अप्रैल 2025 को कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट ने अतर्रा थाने से रिपोर्ट मांगी। फर्जी रिपोर्ट लगाने पर न्यायालय ने वाद निरस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों और मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई। गुहार लगाने के बाद आयोग के आदेश पर एसपी ने तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र व नरैनी सीओ अंबुजा त्रिवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की। एसआईटी की जांच में थानाध्यक्ष सहित सभी सात लोग दोषी पाए गए। पीड़ित ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए तीन अक्टूबर 2025 को फिर थाना व पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई की अर्जी दी। पर कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने फिर कोर्ट का सहारा लिया। विशेष न्यायाधीश (डकैती) गगन कुमार भारती ने अतर्रा थानाध्यक्ष को सुसंगत धाराओं में तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद सिंह, एसआई सुधीर कुमार चौरसिया, हे.कांस्टेबल महेश्वर प्रसाद, आरक्षी अंकित वर्मा व अरमान अली व अखिलेश सहित मुखबिर खास बउवा के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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