
प्रयागराज पहुंचे फिल्म निर्माता तिग्मांशु धूलिया, कहा- मां की तरह मेरे दिल में है इलाहाबाद
संक्षेप: बाल भारती स्कूल में आयोजित इमेजिन 2025 कार्यक्रम में शामिल होने आए फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता तिग्मांशु धूलिया से आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने खास बातचीत की। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के कुछ अंश:-
संगमनगरी से दूर जाकर मायानगरी में पहचान बनाने वाले सितारे कभी इस शहर की हवा को भूल नहीं सकते। यहां की शांति और अपनापन उन्हें हमेशा ही भाता रहा है। बाल भारती स्कूल में आयोजित इमेजिन 2025 कार्यक्रम में शामिल होने आए फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता तिग्मांशु धूलिया से आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने खास बातचीत की। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के कुछ अंश:-

प्रश्न: अगले माह होने वाले बज्म-ए-विरासत की क्या तैयारी है, इस बार इसमे क्या खास होगा। पिछले साल हुए कार्यक्रम से यह कैसे अलग होगा?
उत्तर: पिछले साल हमने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। तब यहां के स्थानीय लोगों को जोड़ा था, पंडित हरि प्रसाद चौरसिया से उद्घाटन कराया, विकास स्वरूप आए थे। इस बार कुछ नया करने का इरादा है। फिल्म इंडस्ट्री से अभिनेत्री नीना गुप्ता, अभिनेता जयदीप अहलावत, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छावड़ा, निर्माता अनुराग बसु, निर्माता व निर्देशक आशुतोष गवारिकर तो आ रहे हैं। निर्माता-निर्देशक व अभिनेता शेखर कपूर से बात चल रही है। मैं उनका असिस्टेंट रहा हूं। वो देश के बाहर रह रहे हैं। हमारा प्रयास है कि वो भी आएं। इसके साथ ही एक नया सत्र भी होगा, जिसमें शहर के फिल्मी सितारे जैसे अभिनेता दीपराज राणा, पंचायत के फैसल मलिक, सीआईडी के आदित्य श्रीवास्तव आदि शामिल होंगे। लेखिका ममता कालिया, उदय प्रकाश और विभूति नारायण राय भी आ रहे हैं।
प्रश्न: जिस उद्देश्य से आपने बज्म-ए-विरासत शुरू किया है, उसमें एक साल में कितनी सफलता मिली। क्या इससे कुछ बदलाव आया?
उत्तर: मुझे लगता है कि इस साल का कार्यक्रम होने के बाद ही इसका अंदाजा लगेगा। हमने पिछली साल कार्यक्रम किया तो इसकी जानकारी बहुत से लोगों को नहीं थी। कुम्भ के कारण भी हमारा प्रचार उस प्रकार नहीं हो सका। इस बार हमने होमवर्क किया है। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के कारण तमाम लोग जुड़ रहे हैं। टिकट कैसे मिलेगा, कैसे यहां तक पहुंचेंगे, अभी से लोग पूछ रहे हैं तो मुझे लगता है कि इस बार वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रश्न: वेब सीरीज गर्मी के बाद प्रयागराज को लेकर किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, छात्र राजनीति से इतर कुछ अन्य विषयों पर फिल्म या वेब सीरीज का कोई इरादा है?
उत्तर: वेब सीरीज पर तो अब ध्यान नहीं है। इस वक्त मैं एक फिल्म लिख रहा हूं, जिसमें कोई बड़ा अभिनेता दिखाई देगा, यह कहानी इलाहाबाद (प्रयागराज) पर केंद्रित है। जो छात्र राजनीति से अलग एक मर्डर मिस्ट्री है।
प्रश्न: प्रयागराज में बॉलीवुड की फिल्मों की शूटिंग इस बीच बढ़ी है। इसकी क्या वजह मानते हैं?
उत्तर: इसकी वजह यह है कि छोटे शहरों में संभावनाएं बहुत हैं। इलाहाबाद की बात करूं तो यहां पर लोकेशन बहुत अच्छी है जो हर कहानी को सूट करती है। अब लखनऊ की बात करें तो वहां से मुझे यहां की लोकेशन अच्छी लगती है। दूसरा नए शहरों में शूटिंग से लागत पर भी असर पड़ता है।
प्रश्न : शहर की खो रही सांस्कृतिक विरासत, रंगमंच आदि को फिर से जीवित करने तथा यहां की प्रतिभा को निखारने के लिए सरकार और यहां से सरोकार रखने वालों के स्तर से किस तरह का प्रयास होना चाहिए?
उत्तर: देखिए कला और संस्कृति को सरकार से आर्थिक सहयोग की जरूरत होती है। प्राचीन काल में भी यह होता रहा है और आज भी जरूरी है। बज्म-ए-विरासत शुरू करने का उद्देश्य ही यही था कि बीते 30-35 सालों से शहर ठंडा रहा। इस कार्यक्रम को देखने भले ही एक हजार-आठ सौ लोग आए, इसमें से आठ युवा कलाकार भी हमें मिले तो यहां की प्रतिभा निखरेगी।
प्रश्न : इस शहर से निकले और भी कई बड़े नाम हैं पर आप का जिस तरह का जुड़ाव है वैसा दूसरों में देखने को नहीं मिलता। मायानगरी में रहते हुए यह शहर आपके मन में कैसे बसता है?
उत्तर : मेरा जुड़ाव इसलिए है क्योंकि इलाहाबाद (प्रयागराज) मेरे दिल में रहता है। मेरी मां है यह शहर। मुम्बई तो ऑफिस है, ऑफिस में रहना किसको अच्छा लगता है। यहां आता हूं तो मेरी रफ्तार बदल जाती है। मेरे अंदर हिम्मत बढ़ जाती है। मुम्बई में एक डर का माहौल रहता है। यहां आकर वही ऊर्जा महसूस होती है जो अपने घर आने पर होती है।





