
यूपी के इस जिले में बुखार का कहर: 24 घंटे में एक ही परिवार के 3 बच्चों की मौत; 15 अब भी बीमार
कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि इन बच्चों का सीएचसी से इलाज किया गया था। उनकी हालत गंभीर थी। इसलिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं डीएम महेंद्र सिंह तंवर और सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने तत्काल गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच और इलाज शुरू कराया।
यूपी के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र अंतर्गत ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में बुखार से 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। गांव में करीब 15 बच्चे अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। इंसेफेलाइटिस की जांच के लिए ब्लड सैंपल भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला निवासी पिंटू गोंड की दो पुत्रियों खुशी (3) और मंजू (7) को चार दिन पहले बुखार होने पर परिजनों ने झोलाछाप को दिखाया था। सुधार न होने पर बुधवार को खुशी को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मंजू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया ले जाया गया था, जहां से पहले जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
एक घर में तीन बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम,दौड़ा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी सक्रिय हुए, लेकिन तब, जब नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में 24 घंटे के भीतर तीन बच्चों की मौत हो गई। गांव के लोगों ने कहा कि न तो सफाईकर्मी आता है और न ही आशा। सफाई न होने से गांव के लोगों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन बच्चों की मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस गांव में पिंटू गोंड की दो बेटियां खुशी और मंजू तथा और भाई दशरथ के बेटे क्रिश की बुखार से मौत हो गई। 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार में तीन बच्चों की मौत के बारे में जो भी सुन रहा है, शोक जता रहा है। शुक्रवार को सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया की स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची और कैंप लगाकर 70 घरों में खून के सैंपल लेकर मलेरिया, टायफाइड, डेंगू आदि बीमारियों की जांच की गई तो 15 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले। स्वास्थ्य टीम ने सभी को दवाइयां दीं और बीमारियों से बचाव के लिए सुझाव दिए। इसके अलावा एंटी लार्वा और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया।
बताया जा रह है कि दोनों परिवारों में साधारण हैंडपंप लगा है। इनके घर जल निगम की टोटी का कनेक्शन नहीं है। घटना के बाद से मृतक बच्चों के परिवारवाले सदमे में हैं। कृष की मां प्रियंका, दादी शकुंतला, दादा रामाशीष, बड़े दादा गणेश, दूसरे घर की मंजू और खुशी की मां निशा, लड्डू, पट्टीदारी के महेश, बन्नू, अमरनाथ, जुगूंती, हरिलाल, रामाज्ञा, सूरज और मुकेश आदि बिलग बिलखकर रो रहे हैं। हेल्थ कैंप में डॉ. आफताब, मुस्ताक, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
गांव के हसमुद्दीन अंसारी ने बताया कि सफाईकर्मी कभी नहीं आते हैं, जिससे गांव में सफाई नहीं होती। इस वजह से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित परिवार व गांव के लोग स्वास्थ्य एवं पंचायतीराज विभाग लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। कहा कि न तो सफाईकर्मी गांव में आता है और न आशा।
नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि इन बच्चों का सीएचसी से इलाज किया गया था। उनकी हालत गंभीर थी। इसलिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं डीएम महेंद्र सिंह तंवर और सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने तत्काल गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच और इलाज शुरू कराया। साथ ही एंटी लार्वा एवं मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया। गांव के लोग स्वास्थ्य एवं पंचायतीराज विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
आज भी गांव में डॉक्टर लगाएंगे कैंप
सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि तीन बच्चों की बुखार से मौत की सूचना पर तत्काल कैंप लगवाकर खून का सैंपल लिया गया और इलाज शुरू कराया गया। उन्होंने खुद भी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की। गांव में एंटी लार्वा एवं मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया है। बच्चों को इंसेफेलाइटिस तो नहीं हुआ था, इसकी जांच के लिए ब्लड सैंपल लेकर जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कुल 70 घरों से सैंपल लिया गया है, जिनमें 15 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले हैं। शनिवार को भी बच्चों के डॉक्टरों की टीम भेजकर कैंप लगाया जाएगा।
सेप्सिस से हुई मासूम की मौत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कुशीनगर की पांच वर्षीय मासूम मंजू की गुरुवार की देर रात मौत हो गई। उसे बीते सोमवार को भर्ती कराया गया था। उसे गंभीर संक्रमण हुआ था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता मेहता ने बताया कि कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया के ढोलहा गुलरिहा निवासी पिंटू गौड़ की पांच वर्षीय मासूम बेटी को बीते सोमवार को गंभीर हालत पर भर्ती कराया गया था। उसका प्रारंभिक इलाज कुशीनगर के सरकारी अस्पताल में हुआ था। उसे तेज बुखार था। उल्टी हो रही थी। झटके आ रहे थे। वह धीरे-धीरे अचेत अवस्था में जा रही थी। शरीर में मल्टी ऑर्गन फेल्योर के लक्षण थे। उसे आनन फानन में आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच शुरू की जांच पता चला कि उसे सेप्सिस है। संक्रमण खून में फैल चुका है। उसका प्रभाव फेफड़ों में हो गया था। दिमाग में संक्रमण का असर दिखने लगा।
क्या बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ.चंद्र प्रकाश ने कहा कि बच्चों को इंसेफेलाइटिस तो नहीं हुआ था, इसकी जांच के लिए ब्लड सैंपल लेकर जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कुल 70 घरों से सैंपल लिया गया है, जिनमें 15 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले हैं।





