महिला बैंककर्मियों की लड़ाई ‘ठाकुर’ और ‘ब्राह्मण’ पर आई; आस्था-ऋतु का एक दूसरे पर वीडियो वार
कानपुर के निजी बैंक में शुरू हुआ विवाद अब महज दफ्तर की लड़ाई नहीं रह गया है। बैंक के अंदर से शुरू हुई यह बहस 'ठाकुर' बनाम 'ब्राह्मण' के जातिगत मोड़ पर आकर टिक गई है। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक वायरल हो रहे वीडियो ने इस मामले को पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया है।

"ठाकुर हूं मैं... ज्यादा बकैती न करना।" कानपुर के एक निजी बैंक में गूंजा यह वाक्य अब सोशल मीडिया पर ठाकुर और ब्राह्मण के बीच की लड़ाई बन गई है। बैंककर्मी आस्था सिंह और ऋतु त्रिपाठी के बीच शुरू हुए इस विवाद में अब दोनों पक्षों की ओर से वीडियो जारी कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आस्था ने कहा कि ठाकुर हूं और गर्व है। इसके जवाब में ऋतु ने भी कहा कि ब्राह्मण होने पर मुझे भी गर्व है। मामला अब मानहानि के दावे और पुलिसिया जांच की दहलीज तक जा पहुंचा है।
आस्था सिंह की सफाई: 'मुझसे मेरी जाति पूछी गई'
बैंक के अंदर से वीडियो वायरल हुआ तो आस्था सिंह ने वीडियो जारी कर खुद को बेकसूर बताया। आस्था का कहना है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ एक पक्ष की कहानी दिखाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद की शुरुआत ऋतु के पति ने की थी। आस्था के अनुसार, “ऋतु के पति ने बैंक आकर मुझसे मेरी जाति पूछी और हेकड़ी निकालने की धमकी दी। उन्होंने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया, जिस पर आक्रोशित होकर मैंने जवाब दिया था। मुझे अपने ठाकुर होने पर गर्व है।” हालांकि, बाद में आस्था ने वीडियो में गलत शब्दों के प्रयोग के लिए माफी भी मांगी और कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं।
ऋतु त्रिपाठी का पक्ष: 'नंद और पति के साथ हुई बदसलूकी'
वायरल वीडियो में ऋतु त्रिपाठी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह 6 जनवरी को बैंक की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर इस्तीफा देने गई थीं। उनके साथ उनकी ननद भी थी। ऋतु के अनुसार, वॉशरूम का दरवाजा खोलने जैसी छोटी सी बात पर आस्था सिंह और उनकी ननद के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि आस्था दिन भर उनकी ननद पर अभद्र टिप्पणियां करती रहीं।
ऋतु ने बताया, "जब ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद भी रिलीविंग लेटर नहीं मिला, तो मेरे पति ब्रांच पहुंचे। जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही, तो आस्था भड़क उठीं। उन्होंने खुद को ठाकुर बताते हुए मेरे पति पर लैपटॉप फेंकने की कोशिश की और अपशब्द कहे।" ऋतु ने अंत में यह भी जोड़ा कि उन्हें जातिवाद से मतलब नहीं, लेकिन अगर आस्था को ठाकुर होने पर गर्व है, तो उन्हें भी ब्राह्मण होने पर गर्व है।
सोशल मीडिया पर छिड़ा 'वीडियो वॉर'
6 जनवरी की इस घटना के बाद से अब तक कई छोटे-बड़े वीडियो क्लिप्स वायरल हो चुके हैं। अलग-अलग चैनलों को दिए जा रहे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। कानपुर के इस विवाद ने इंटरनेट पर दो जातियों के बीच बहस छेड़ दी है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
ऐसा लगता है कि दोनों ही महिला कर्मचारी अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आस्था और ऋतु दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ मानहानि (Defamation) का केस दर्ज कराने की बात कह रही हैं।
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लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


