अपने ही बुने जाल में फंसती जा रहीं यूपी की ये महिला बीएसए, घर से मिला DVR; मुश्किलें बढ़ीं
कुशीनगर जिले के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में बीएसए पर शिकंजा कसता जा रहा है।

UP News: शिक्षक कृष्णमोहन सुसाइड प्रकरण में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की मुश्किलें और भी बढ़ सकतीं हैं। प्रतिदिन नए-नए खुलासे होने से बीएसए कार्यालय के भ्रष्टाचार की गहराई सामने आ रही है। इस मामले में अपने करतूतों को छिपाने के लिए बुने गए जाल में बीएसए फसतीं चलीं जा रहीं हैं। उनके आवास से बरामद हुए डीवीआर ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। वहीं अब वायरल हुआ आडियो कार्यालय के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है। आडियो को सुनने से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्यालय किस तरह से भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा था और यहां के अधिकारी लोगों को किस तरह से प्रताड़ित करते थे।
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थाना थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खण्ड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होने फंदा लगाकर जान दे दी थी। आत्महत्या से पूर्व उन्होने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइट नोट और वीडियो भी जारी किए थे।
इस मामले की जांच के बाद दोषी मिलीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को 27 फरवरी को निलंबित कर दिया गया था, जबकि लिपिक संजीव सिंह पहले ही निलंबित हो चुका है। पुलिस की जांच के आंच से बचने के लिए बीएसए शालिनी श्रीवास्तव द्वारा बुने गए जाल में अब वह फंसती हुई नजर आ रही हैं। बीएसए द्वारा कार्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से निकलवाया गया डीवीआर पुलिस ने उनके सरकारी आवास से बरामद किया है।
लिपिक संजीव सिंह के पटल पर जमी है सबकी नजर
बीएसए कार्यालय के जिस पटल पर लिपिक संजीव सिंह कार्यरत था, उसके निलंबन के बाद यह पटल खाली है। पटल पर अभी तक किसी की तैनाती नहीं हो सकी है। डायट प्राचार्य के बीएसए पद पर अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने के बाद से रिक्त पटल पर तैनाती को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। सबकी नजर इस पटल पर हैं, हालांकि विवाद के कारण इस पटल के लिए कोई नाम नहीं ले रहा है।
शिक्षक ने भिजवाए थे 14 लाख रुपये
शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में विवेचना कर रहे सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह की जांच में सामने आया है कि कृष्ण मोहन सिंह ने 14 लाख रुपये ओंकार सिंह के जरिए भिजवाए थे। यह रकम सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह के माध्यम से फरार लिपिक संजीव सिंह तक पहुंचाई गई थी। इसके अलावा ओंकार सिंह द्वारा गोल्ड लोन लेकर नौ लाख रुपये देने की बात भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी से पूछताछ में इस लेनदेन की पुष्टि हुई है। अब पुलिस इस वित्तीय लेनदेन के समय का डिटेल तैयार कर बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रांजैक्शन से मिलान करेगी। सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि निलंबित बीएसए और फरार लिपिक की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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