मेरी बेटी नहीं है...बीवी पर शक में बाप ने 11 महीने की मासूम को यमुना में फेंका
आगरा में पत्नी के चरित्र पर शक ने एक पिता को हैवान बना दिया। आरोपी ने अपनी 11 माह की मासूम बेटी को अपनी संतान न मानते हुए यमुना में फेंक दिया। दरअसल, बच्ची को गोद में लेकर वह फोटो खींचने के बहाने पुल पर रुका और मौका पाकर उसे नदी में फेंक दिया।

UP News: यूपी के आगरा में एक शख्स ने अपनी मासूम को यमुना में फेंक दिया। हत्यारोपी को शक था कि बेटी उसकी नहीं है। समय रहते भीड़ ने युवक को दबोच लिया। अगर भीड़ नहीं आती तो वह बीवी को भी ठिकाने लगा देता। उधर, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तहरीर के आधार पर हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं के तहत मुकदमा लिखा। वहीं, परिवार के तीन सदस्य अभी फरार हैं।
ये मामला सिकंदरा स्थित अकबरा पुल का है। गांव बदाम गढ़ी के रहने वाले रिंकू उर्फ चंद्रवीर शक में पागल हो गया था। शुक्रवार की दोपहर उसने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया था। 11 महीने की मासूम बेटी का शव अभी बरामद नहीं हो सका है। शव की तलाश के लिए पीएसी के गोताखोर लगाए गए हैं। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि रिंकू की शादी करीब ढाई साल पहले भरतपुर की रहने वाली लक्ष्मी के साथ हुई थी। मायके वालों का आरोप है कि दहेज के लिए बेटी के प्रताड़ित किया जाता था। ससुरालीजन बेटी को परेशान किया करते थे। 20 दिन पहले ही बेटी पंचायत के बाद अपनी ससुराल लौटी थी। वह लंबे समय अपने मायके रही थी।
बीवी का किसी से अफेयर का था शक
पति को शक था कि पत्नी का किसी से अफेयर है। बेटी भी उसकी नहीं है। शुक्रवार को रिंकू अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक से निकला था। रास्ते में पति-पत्नी में विवाद हो गया। रास्ते में रिंकू ने बाइक रोकी। फोटो खींचने के बहाने बेटी को गोद में लिया और यमुना में फेंक दिया। यह देखकर पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी ने चीखना शुरू कर दिया। राहगीर रुक गए। हत्यारोपी रिंकू को दबोच लिया। पूछताछ में उसने पुलिस के बताया कि वह पत्नी को भी ठिकाने लगा देता।
सास-ससुर भी नामजद
पुलिस ने मुकदमे में रिंकू के भाई ओमवीर, पिता नारायण सिंह और सास को भी नामजद किया है। परिवारीजन पर दहेज उत्पीड़न का आरोप है। रिंकू हत्या और दहेज उत्पीड़न दोनों का आरोपित है। रिंकू ने पुलिस को बताया कि उसे पत्नी पर शक था। झगड़ा इसी बात का था। पत्नी उसके साथ नहीं रहना चाहती थी। बेटी भी संभवत: उसकी नहीं थी। मायके वालों का कहना है कि दामाद बेटी को बेरहमी से पीटता था। उनकी भूल थी जो उसे ससुराल भेज दिया। डीसीपी सिटी ने बताया कि बच्ची का शव बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


