बेटी की मौत के बाद बधाई मैसेज से सन्न रह गए पिता, अस्पताल में धांधली की पोल खुली
जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी राजनंदनी की पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए आयुष्मान कार्ड से संबंधित गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में बीते 23 मई को भर्ती कराया था। 24 मई को रात में आपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित पिता ने जांच की मांग की है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के फाजिलनगर विकास खंड के सुमही बुजुर्ग के रहने वाले एक व्यक्ति की 14 साल की बेटी की गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद पीएमजेएवाई से आए मैसेज ने आयुष्मान कार्ड से होने इलाज में हो रही धांधली की पोल खोल दी है। पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा सीएमओ को शिकायती पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
सुमही बुजुर्ग गांव निवासी जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी राजनंदनी की पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए आयुष्मान कार्ड से संबंधित गोरखपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बीते 23 मई को भर्ती कराया था। 24 मई को रात में आपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित का आरोप है कि आपरेशन के कई घंटे बाद में अस्पताल के स्टाफ से बेटी का हाल जानने का प्रयास किया तो बताया गया कि उसका ऑपरेशन चल रहा है। इसके बाद मैं किसी तरह ओटी में घुसा तो देखा मेरी बेटी मृत पड़ी है। इस घटना ने मुझे बुरी तरह तोड़ दिया। बेबसी के हालत में मैं अपनी बेटी का शव लेकर घर चला आया और दाह संस्कार कर दिया। 27 मई को मेरे नंबर पर पीएमजेएवाई से मैसेज आया कि आपकी बेटी इलाज के बाद सकुशल घर पहुंच गई, इसके लिए इसके लिए बधाई।
मैसेज में मेरी बेटी को पांच दिन अस्पताल में भर्ती होना दिखाया गया और 27 मई को डिस्चार्ज दिखाया गया था। जबकि मैं अपने बेटी के शव को लेकर भर्ती के दूसरे दिन घर आ गया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत गोरखपुर डीएम, एसपी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्रों देकर जांच की मांग करते हुए ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले अस्पताल के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस घटना पर पर क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि संवेदना और मानवता ताक पर रखकर अपने लाभ के लिए ऐसे जघन्य अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
क्या बोले अस्पताल संचालक
अस्पताल संचालक डॉ.आदित्य नाथ पांडेय ने कहा कि किशोरी बीते 23 मई को भर्ती हुई थी। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ी। फिर मौत हुई। इसकी सूचना आयुष्मान पोर्टल के जरिए 27 मई को भेजी गई। उसकी डेथ आडिट रिपोर्ट भी भेजी गई है। संदेश जारी होने का मामला आयुष्मान पोर्टल से है। वहीं पोर्टल से संदेश प्रेषण में ही चूक हो गई है।
सीएम ने कहा
सीएमओ डॉ.राजेश झा ने कहा कि इसकी सूचना नहीं है। निजी अस्पताल पर आरोप गंभीर हैं। अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत पर इसकी जांच कराई जाएगी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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