
पिता ने दो करोड़ के लिए बेटे की करा दी हत्या, संभल के अनिकेत हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
संभल में अनिकेत हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अपने जवान बेटे की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि पिता ने ही दो करोड़ रुपए के लालच में कराई थी। हत्यारों को साढ़े तीन लाख की सुपारी दी गई थी। वारदात में एक अधिवक्ता भी शामिल है।
यूपी के संभल के बहजोई थाना क्षेत्र निवासी अनिकेत शर्मा की हत्या उसके पिता बाबू राम ने दो करोड़ रुपयों के लिए कराई थी। इसमें अमरोहा के अधिवक्ता आदेश कुमार के साथ साजिश रची गई थी। पिता को 25 लाख रुपये मिलने थे। इसके लिए पिता बाबू राम ने साढ़े तीन लाख रुपये तीन बदमाशों को सुपारी दी थी। कुन्दरकी पुलिस ने गुरुवार को आरोपी पिता बाबू राम और रामपुर जिले के तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि आरोपियों ने रॉड से सिर पर वार कर हत्या की थी। आरोपियों के निशानदेही पर लोहे की रॉड और अनिकेत का मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड अधिवक्ता आदेश कुमार और बहजोई निवासी उसका साथी विजयपाल अभी फरार हैं।

संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के नई बस्ती दुर्गा कालोनी निवासी अनिकेत शर्मा (29 वर्ष) मुरादाबाद की एक फर्म में काम करता था। बीते 16 नवंबर को देर रात करीब 11 बजे उसका खून से लथपथ शव कुन्दरकी थाना क्षेत्र के बाईपास पर जैतपुर गांव के पास भीमसेन दिवाकर के खेत में मिला। पिता ने पहले कहा था कि यह एक्सीडेंट था, लेकिन पोस्टमार्टम और क्राइम सीन की जांच में हत्या पुष्टि हुई।
अनिकेत के चाचा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। जांच में पाया गया कि अनिकेत का बीमा 2.10 करोड़ रुपये का था। जिसके बाद शव की सुई परिजनों पर ही अटक गई। गुरुवार को एसएचओ कुन्दरकी जगपाल सिंह ग्वाल और एसएसआई मनोज कुमार की टीम ने पिता बाबू राम शर्मा, और बदमाश साजिद मेवाती, असलम उर्फ सुल्तान, तहब्बुर मेवाती को गिरफ्तार किया। एसपी कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। फरार आरोपी आदेश कुमार और विजयपाल की तलाश जारी है।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
एसपी कुंवर आकाश सिंह के अनुसार, बाबू राम और अधिवक्ता आदेश कुमार ने 2 जनवरी 2024 को एचडीएफसी बैंक बहजोई में अनिकेत के नाम से खाता खुलवाया। मोबाइल नंबर लिंक और एटीएम कार्ड आदेश कुमार ने अपने पास रख लिया। इसके बाद साधारण मौत पर 1.05 करोड़ और दुर्घटना में मौत पर 2.10 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी ली। बाबू राम उधमसिंह नगर की जेल से जुलाई में बाहर आया और आर्थिक रूप से कमजोर था। अधिवक्ता आदेश कुमार ने उसे 25 लाख रुपये का लालच दिया और बेटे की हत्या का सौदा तय किया। इसके बाद असलम, तहब्बुर और साजिद मिलकर 16 नवंबर को अनिकेत को मौत के घाट उतार दिया।
साढ़े तीन लाख की सुपारी, 50 हजार दिए एडवांस
बीमा क्लेम के लिए इंसान कितना गिर सकता है इसका अंदाजा अनिकेत के पिता बाबूराम के खतरनाक मंसूबों से लगाया जा सकता है। बाबूराम ने बेटे अनिकेत की हत्या के लिए 3.5 लाख रुपये की सुपारी अहसलम उर्फ सुल्तान को दी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी बाबूराम ने बताया कि उसे लगता था कि बेटा उसे कहीं फंसा देगा।
इसके अलावा अधिवक्ता आदेश कुमार ने 25 लाख रुपये देने की बात कही तो वह लालच में भी आ गया। आरोपी ने बताया कि उसने अक्तूबर में वकील आदेश कुमार से 50 हजार रुपये नकद लिए थे। जिसके बाद अनिकेत की हत्या के लिए उसने अपने पुराने साथी नटिया खेला निवासी असलम उर्फ सुल्तान से संपर्क किया। जिस पर वह 3 लाख 50 हजार रुपये में हत्या करने की बात कही। आरोपी असलम ने 50 हजार रुपये एडवांस भी ले लिए। तय हुआ था क्लेम का पैसा मिलने के बाद शेष रकम दी जाएगी।
बेटे को मरवाने के बाद पुलिस को करता रहा गुमराह
आरोपी बाबूराम मात्र 25 लाख के लालच में अपने ही बेटे को हत्यारोपियों के हवाले किया था। बेटे को मरवाने के बाद अगले दिन 17 नवंबर को जब कुन्दरकी पुलिस की सूचना पाकर मौके पर पहुंचा तो कहने लगा कि पहले भी उसके बेटे का एक्सीडेंट हो चुका था। वह दावा करता रहा कि बेटे की मौत एक्सीडेंट में ही हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद भी आरोपी पुलिस को तहरीर देने की बजाय गुमराह करता रहा। बाद में पुलिस ने खुद ही प्रयास किया तो अनिकेत के चाचा नवनीत शर्मा ने तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को पहले दिन से ही पिता की भूमिका संदिग्ध लग रही थी। इसी कारण वह पुलिस से दूरी भी बना लिया था। मामले में पुलिस की जांच के बाद पिता की भूमिका का खुलासा हो गया।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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