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फतेहपुर

नालों के निर्माण का क्या मतलब..जब शहर पानी-पानी

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 04:10 AM
नालों के निर्माण का क्या मतलब..जब शहर पानी-पानी

फतेहपुर। कार्यालय संवाददाता

बारिश से शहर की दुर्दशा पर केन्द्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जलनिगम से कहा कि बड़े नालों के निर्माण का क्या मतलब है। पूरा शहर पानी पानी है, जो स्थिति तीन साल पहले की थी आज भी वहीं है, सिर्फ सरकारी धन का दुरप्रयोग किया है। उन्होंने अफसरों से कहा कि जलजमाव की समस्या का स्थाई हल निकाल कर शहर को नीट एंड क्लीन बनाने की दिशा में काम करें।

ईओ से पूछा मोहल्ले तालाब क्यों बने?

विकास भवन में निकायों की बैठक में उन्होंने कहा कि शहर में हर तरफ गंदगी और कूड़े के ढेर लगे है। स्टेशन से आते समय कई प्रमुख स्थानों में कूड़े के ढेर लगें है। क्या कूड़ों के उठान की व्यवस्था ठप हो गई है? इओ ने बारिश का हवाला दिया, जिस पर विफर पड़ी। कहा कि बारिश होगी क्या कूड़ा नहीं उठेगा। इस दौरान बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए तत्पर्रता के साथ कूड़ा उठान कराया जाना चाहिए। साध्वी ने पालिका द्वारा नाला नालियों की सफाई की जानकारी ली। पूछा अगर नालों की सफाई में लाखों रुपए खर्च हुए तो मोहल्ले तालाब क्यों बने हैं।

हर शिलापट्ट पर चेयरमैन प्रतिनिधि ?

साध्वी ने कहा कि सांसद विधायक नगर पालिका बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। प्रोटोकाल के तहत विकास कार्य के शिलापट्ट पर दोनों जनप्रतिनिधियों का नाम अंकित है लेकिन नगर पालिका द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रहा है। हर शिलापट्ट में चेयरमैन प्रतिनिधि का नाम ऐसा क्यों? कहा कि चेयरमैन का नाम समझ में आता है लेकिन पूरे शहर में प्रतिनिधि का नाम किस आशय से अंकित किए जा रहे है। बोर्ड में जनप्रतिनिधिों के साथ चेयरमैन के साथ संबंधित वार्ड के सभासद का नाम होना चाहिए। उन्होंने डीएम से सभी शिलापट्टों में जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित कराने और प्रतिनिधि का नाम हटाने को कहा है। यहां डीएम अपूर्वा दुबे, एडीएम न्यायिक विनीता सिंह, एसडीएम सदर प्रमोद झा, ईओ समेत अधिकारी मौजूद रहे।

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