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खाकी की देखरेख में हो रहा ओवरलोड मोरंग कारोबार

खाकी की देखरेख में हो रहा ओवरलोड मोरंग कारोबार

चांदपुर थाना क्षेत्र का अमौली कस्बे में विकास खंड मुख्यालय के सामने सुबह होते ही ओवरलोड अवैध मोरंग कारोबार की मंडी लगती है। यह कारोबार ऐसा है, जिस पर स्थानीय पुलिस की जबरदस्त छत्रछाया बनी हुई है। जबकि गाड़ियों को देखकर ही कोई अधिकारी इस पर कार्यवाही के लिए तैयार हो जाएगा। मगर चांदपुर पुलिस ने इस कारोबार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है और जिसके कारण इलाके की सड़कों को यह ओवरलोड गाड़ियां चकनाचूर करने में लगी हुई है।

हमीरपुर, बांदा जनपद से आने वाली मोरंग की ओवरलोड गाड़ियों ने क्षेत्र की सड़कों को उजाड़कर रख दिया है। एक ओर जहां राज्य कारागार मंत्री अपने क्षेत्र में सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए योजनाएं बना रहे हैं। वहीं उनके क्षेत्र में ही पुलिस का खेल सड़कों को ध्वस्त करने में लगा हुआ है। दिन-रात निकलने वाली मोरंग की गाड़ियों पर पुलिस की निगहबानी होने के कारण क्षेत्र के कहींजरा, निंदापुर, दपसौरा, भरसा, एत्मादपुर आदि इलाकों की सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं। सूत्रों की मानें तो क्षेत्र से निकलने वाली बिना रॉयल्टी वाले ओवरलोड ट्रैक्टरों की इंट्री फीस पांच हजार रुपए पुलिस ने तय कर रखी है। इसके चलते पुलिस इन पर शिकंजा नहीं कस रही है। बता दें कि दो दिन पहले ही कानपुर के गजनेर थाना क्षेत्र के निनाया गांव के सुशील कमार कुशवाहा अपनी लोडर गाड़ी पर गांव के महेश तिवारी, व दो बच्चों के साथ रिश्तेदारी में जा रहे थे। बिजौली गांव के पास बांदा की ओर से आ रहे ओवरलोड मोरंग लदे ट्रैक्टर ने उनके लोडर में टक्कर मार दी थी। इसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी गाड़ी दो भागों में टूट गई थी। इस हादसे में एक और ट्रैक्टर जिसमें मोरंग लदा था वह बेकाबू होकर एक पुलिया को तोड़ते हुए पेड़ से टकरा गया था। मोरंग ओवरलोडिंग के कारण हो रहे हादसों के बाद भी चांदपुर पुलिस की मनमानी पर अफसर बिल्कुल मौन बैठे हैं। विकास खंड कार्यालय के सामने लगने वाली मोरंग की मंडी, स्थानीय पुलिस की सत्यनिष्ठा पर सवाल खड़े कर रही है।

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