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28 सितम्बर, 2020|3:52|IST

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पानी टंकी नहीं बुझा पा रही है छह गांवों की प्यास

पानी टंकी नहीं बुझा पा रही है छह गांवों की प्यास

ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति किए जाने के लिए जलनिगम द्वार करीब दो दशक पूर्व देवरी बुजुर्ग में लाखों की कीमत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। लेकिन वर्तमान में ग्राम समूह पेयजल योजना से बनी यह टंकी शोपीस बनी हुई है। बताते है कि जगह-जगह से पाइप लाइन फटी होने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा जिससे हैंडपंप के पानी से प्यास बुझानी पड़ती है।

अमौली ब्लाक के देवरी बुजुर्ग में ग्रामीणों को होने वाली पेयजल की समस्या को देखते हुए दो दशक पूर्व लाखों की कीमत से समूह पेयजल योजना के अंतर्गत पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। इस पानी की टंकी से देवरी बुजुर्ग सहित अरगल, मधियाखेड़ा, सहिमलपुर, प्रसादपुर, ऊंड़गांपुर, टरुवांपुर आदि गांव में पानी की आपूर्ति की जा रही थी। शुरुआती दौर में तो आपूर्ति ठीकठाक होती रही लेकिन समय बीतने के साथ धीरे-धीरे इसमें लगाई गई पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने लगी। जिसके कारण उक्त गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी, विभाग ने टंकी की देखरेख के लिए गांव के ही राजू शुक्ला को ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया था। बताते है कि उसकी नियुक्ति के बाद जलनिगम ने उसका करीब दस माह का वेतन भी अदा नहीं किया। इतना ही नहीं विभागीय उदासीनता के चलते करीब सात माह से टंकी की मोटर भी जली पड़ी हुई है जिसकी सुधि लेने के लिए कोई भी कर्मचारी गंभीर नजर नहीं आ रहा। उधर ग्रामीणों का कहना है कि टंकी का निर्माण होने के बाद पेयजल की समस्या से मुक्ति मिलने की आस जगी थी, लेकिन टंकी के धोखा देने के बाद अब भी हैंडपंप के पानी से ही अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अंकित शुक्ला ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों से कई बार इसको दुरुस्त करवाए जाने की मांग की जा चुकी है लेकिन हर बार महज कोरा आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

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  • Web Title:The water tank is not able to quench the thirst of six villages