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28 सितम्बर, 2020|1:01|IST

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हरी सब्जियों के गायब होने से बिगड़ रहा किचन का स्वाद

हरी सब्जियों के गायब होने से बिगड़ रहा किचन का स्वाद

हरी सब्जियों के दामों में बीते दिनों से हुई बेतहाशा वृद्धि से गरीबों व मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई से हरी सब्जियां गायब सी हो चुकी है। जिससे लोगों के खाने का स्वाद बिगड़ने के साथ ही आसमान छू रहे सब्जियों के दामों से ग्रहणियां भी खासी परेशान हो चुकी है। बताते है कि तराई वाले स्थानों पर बढ़ा जलस्तर व बारिश ने हरी सब्जियों की पैदावार को प्रभावित कर दिया है। जिससे जिले में होने वाली सब्जियों की पैदावार प्रभावित होने से बाहर से सब्जियां आ रही है जिससे उसके दाम बढ़ते जा रहे है।

क्या बोली ग्रहणियां

लॉक डाउन के बाद सब्जियों के दाम इस प्रकार थे कि हर कोई मनचाही सब्जियां खरीदकर उसका स्वाद ले सके। लेकिन इस समय तो हरी सब्जियों के दाम इस कदर बढ़े हुए है कि उसको खरीदना मध्यम वर्ग के लोगों के लिए मुश्किलों भरा हो गया है। जो सब्जी पहले चालीस-पचास रुपए किलो मिल जाती थी वह अब सौ रुपए के पार हो चुकी है।

आकांक्षा सिंह उर्फ रीना

करीब पंद्रह से बीस दिन पहले सब्जियों के दाम कम होने से उसका स्वाद मिल जाता था। लेकिन वर्तमान में किचन से हरी सब्जियां लगभग गायब सी हो चुकी है, जिससे कोरोना काल में पौष्टिक सब्जियों को खाना एक सपना जैसा हो गया है। सब्जियों के मंहगा होने के कारण किचन से हरी सब्जियां गायब होने से खाने का स्वाद भी लगभग समाप्त हो चुका है।

अर्चना गुप्ता

सब्जियों के दामों पर एक नजर

सब्जी पंद्रह दिन पहले के दाम वर्तमान के दाम

सोया 80 से100 180 से 200

सेम 90 200

तरोई 15 30

लौकी 10 20

प्याज 15 40

शिमला मिर्च 40 80

करेला 30 60

भिण्डी 25 40

परवल 20 50

लहसुन 80 130

हरी मिर्च 40 80

हरा धनियां 100 300

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  • Web Title:The taste of kitchen deteriorates due to disappearance of green vegetables