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फतेहपुर

बिन परीक्षा के अंकों की बौछार, निहाल हुए छात्र-छात्राएं

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 04:10 AM
फतेहपुर। संवाददाता
 
 यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट का परीक्षा परिणाम शनिवार को...
1 / 2फतेहपुर। संवाददाता यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट का परीक्षा परिणाम शनिवार को...
फतेहपुर। संवाददाता
 
 यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट का परीक्षा परिणाम शनिवार को...
2 / 2फतेहपुर। संवाददाता यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट का परीक्षा परिणाम शनिवार को...

फतेहपुर। संवाददाता

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट का परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया। पहली बार बिना परीक्षा के घोषित हुए परिणाम में अंकों की बौछार हुई और छात्र-छात्राएं खुशी से झूम उठे। हालांकि हर वर्ष प्रदेश स्तर पर टापर्स देने वाले विद्यालयों में थोड़ा रंज दिखा। इंटर मीडियट में शालू बाजपेई ने 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किया तो हाईस्कूल में शुभम आनंद ने 96 प्रतिशत अंक लाकर अपने अपने विद्यालय का नाम रोशन किया। प्रदेश में नाम आने के बाद मेधाओं के स्वागत और बधाइयों का दौर चला। स्कूल में जश्न का माहौल रहा। इस बार टापर्स की सूची नहीं जारी की गई।

शनिवार की दोपहर 3.30 बजे बोर्ड ने परिणाम की घोषणा की। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट की बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई गईं। निर्धारित फार्मूले के आधार पर बोर्ड ने परिणाम घोषित किया। पहली बार जिले में यूपी बोर्ड का परिणाम लगभग शत प्रतिशत रहा। बिना परीक्षा के बेहतर अंक मिलने पर छात्र-छात्राओं ने खुशी का इजहार किया। वहीं विद्यालय संचालक भी परिणाम से संतुष्ट नजर आए। अभिभावकों ने भी संकट काल में बच्चों के मिले अंक से खुश नजर आए। परिणाम आते ही स्कूलों में जश्न का माहौल हो गया। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए शिक्षा सत्र 2021-22 में हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट में कुल 65882 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। शहर के सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज रघुवंशपुरम, जय मां सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज राधानगर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, मदर सुहाग इंटर कालेज समेत अन्य विद्यालयों में परिणाम आने के बाद खुशियां मनाई गईं।

आंकड़ों पर एक नजर...

हाईस्कूल में कुल परीक्षार्थी-37306

हाईस्कूल व्यक्तिगत-151

हाईस्कूल में बालिकाएं-17265

इंटरमीडियट में कुल परीक्षार्थी-28576

इंटरमीडियट व्यक्तिगत- 827

इंटरमीडियट में बालिकाएं-13826

परीक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस साल 65882 छात्रों ने नामांकन कराया था। बिना परीक्षा के घोषित परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की भी दी गई है। ये परीक्षार्थी परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित विद्यालय के माध्यम से परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसके बाद इनकी परीक्षा कराई जाएगी।

क्या बोली मेधाएं................

बिन परीक्षा के अंकों से संतुष्ट

इंटरमीडियट की मेधा सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज के रघुवंशपुरम की छात्रा शालू बाजपेई कहती हैं कि वह बिना परीक्षा के दिए गए नम्बरों से संतुष्ट हैं। इनका कहना रहा कि बीते वर्षो की कक्षाओं में की गई मेहनत का फल सामने आया है। हालांकि परीक्षा के साथ अंक आते हैं तो उसमें अधिक संतुष्टि मिलती है। पिता पवन कुमार बाजपेई, माता स्वरूपा बाजपेई समेत अन्य स्वजनों में खुशी रही।

आईपीएस बनना चाहती हैं कृष्णा देवी

इंटर मीडियट की टापर्स सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज की छात्रा कृष्णा देवी ने बताया कि वह आगे चलकर आईपीएस बन कर देश की सेवा करना चाहती हैं। बिना परीक्षा के मिले अंकों से कम संतुष्टि मिलती है, जिस तरह से परीक्षा को लेकर तैयारी की गई थी उस हिसाब से यदि परीक्षा होती है तो ज्यादा संतुष्टि रहती। हालांकि मिले नम्बरों से वह संतुष्ट हैं। परीक्षा के लिए आवेदन नहीं करेंगी।

किसान की बेटी बनी टापर्स

शहर के सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज रघुवंशपुरम की हाईस्कूल की छात्रा खुशबू के पिता राजकुमार एक साधारण किसान हैं। माता निर्मला देवी कुशल ग्रहणी हैं। मेधा ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बाद भी पिता ने अच्छी शिक्षा दिलाने में पीछे नहीं हैं। माता पिता के सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। राधानगर क्षेत्र में रहकर अब इंटर में और अधिक मेहनत करनी है।

शिक्षक बन फैलाएंगे शिक्षा की अलख

हाईस्कूल की मेधा निखिल तिवारी ने बताया कि वह बिना परीक्षा के मिले अंकों से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। परीक्षा की तैयारी के दौरान ऐसे ही प्रतिशत का आंकलन किया था। बताया कि पिता राजेश तिवारी परदेश में प्राइवेट नौकरी करते हैं और माता अर्चना तिवारी एक कुशल ग्रहणी हैं। शिक्षा दिलाने के लिए किराए के मकान लेकर शहर में रह रहे हैं। आगे चल कर एक कुशल शिक्षक बन लोगों में शिक्षा की अलख जगाने की इच्छा है।

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