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जानलेवा हमले में दस साल की सजा

उधार मछली न देने पर जानलेवा हमले के मामले में फास्ट्र ट्रैक कोर्ट द्वितीय अच्छे लाल गुप्ता की अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दस साल की सजा व 11 हजार रुपए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

बिंदकी कोतवाली आलमगंज निवासी राशिद मछली का कारोबार करता था। गांव का ही अबरार पुत्र इसरार अक्सर राशिद से उधार में मछली लेता था। बताते हैं कि 18 जुलाई 2015 की सुबह अबरार राशिद के पास मछली लेने पहुंचा था। राशिद ने उसे यह कहते हुए मछली देने से इनकार कर दिया था कि पुरानी उधारी देने पर ही मछली दूंगा। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। जिस पर अबरार ने तमंचे से राशिद पर फायर कर दिया। पेट में गोली लगने से राशिद गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे गंभीर हालत में कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राशिद की पत्नी रुखसाना ने अबरार के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य समेत आरोप पत्र दाखिल किया था। वादी समेत कई गवाहों ने बयान दर्ज कराया था, जिस पर शासकीय अधिवक्ता राम सिंह यादव व बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की और अपनी दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत कीं। प्रस्तुत किए गए साक्ष्य, वादी समेत गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी अबरार को घटना का दोषी पाया। बुधवार को अदालत ने उसके खिलाफ फैसला सुनाया।

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  • Web Title: Ten years in jail