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19 सितम्बर, 2020|8:20|IST

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जुगाड़ की बिजली से हांफ रहीं राजकीय नलकूप की मोटरें

जुगाड़ की बिजली से हांफ रहीं राजकीय नलकूप की मोटरें

बिजली विभाग को सबसे अधिक राजस्व देने वाले नलकूप विभाग के प्रति बिजली अफसरों को संवेदनहीन रवैया बड़ी संख्या में किसानों को मुसीबत में डालने का काम कर रहे है। अधिकतर राजकीय नलकूपों की बिजली आपूर्ति जुगाड़ पर टिकी हुई है। कहीं लाइन में झोल, वहीं लोहे के तार की लाइने और क्षमता के मुताबिक केबिल उपलब्घध न होने से नलकूप फाल्ट की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी के लिए परेशान किसानों के लिए नलकूप ठूठ बने हैं। वहीं रोज मोटर फुंकने से नलकूप विभाग के अफसर परे शान है।

चार सौ वोल्ट मिले तो सही चले नलकूप

जानकारों का कहना है कि यदि नलकूप में जाने वाली बिजली में चार सौ से सवा चार सौ वोल्ट की सप्लाई सुचारू रूप से की जाए तो नलकूप के उपकरणों को फुंकने से रोका जा सकता है। लेकिन जर्जर तार होने के चलते पर्याप्त वोल्टेज न आने के साथ बराबर हाई व लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है जिससे आए दिन उपकरण जलने से किसानों को पानी नहीं उपलब्ध हो पाता।

सबसे अधिक इन क्षेत्रों में होती परेशानी

बिजली विभाग की लापरवाही से सबसे अधिक असोथर, खागा व अमौली क्षेत्र में जर्जर तार होने के चलते नलकूप की मोटरें आदि जलने का सिलसिला चलता रहता है। जिसकी कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी इसे दुरुस्त नहीं कराया जाता जिससे इन क्षेत्रों के किसानों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही इन क्षेत्रों में जीआई वायरों की अधिकता होने से वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।

205 नंबर नलकूप का जला सारा सिस्टम

अमौली क्षेत्र में लगे नलकूप संख्या 205 में आपूर्ति के लिए लगाई गई विद्युत लाइन में बीते दिनों अचानक हाई वोल्टेज आ जाने से यहां के सारे उपकरण जल गए। जिसके चलते यह नलकूप विद्युत दोष से पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। नलकूप खण्ड के अधिशाषी अभियंता की मानें तो नलकूप को बनवाया जा रहा है। जिसके बाद किसानों को पानी मुहैया कराया जा सकेगा।

इनसेट

आए दिन खराब होते स्टार्टर व स्विच

वोल्टेज के लगातार घटने व बढ़ने के बाद सरकारी नलकूपों के स्टार्टर व स्विच आए दिन खराब हो जाते है। जिसके चलते नलकूप के संचालन पर प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही जानकारों का कहना है कि नलकूप के लिए लगाई गई विद्युत लाइन के तार में यदि कहीं पर भी प्वाइंट होगा तो वोल्टेज की समस्या को समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी विभाग इस ओर से गंभीर नहीं है।

क्या कहते हैं आंकड़े

581 सरकारी नलकूप जिले में होते है संचालित

40 के करीब नलकूप विद्युत दोष से चल रहे है बंद

50 के करीब मोटरें प्रति माह होती है खराब

कोट......

बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार इस बावत शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं किया जाता, जिससे आए दिन स्टार्टर व स्विच के साथ मोटरें जलने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।

केएल वर्मा एक्सईएन नलकूप खण्ड

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  • Web Title:State tube well motors gasping with jugaad electricity