स्वर्ग से वोट डालने धरती पर आएंगे पिता-पुत्र
Fatehpur News - फतेहपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कई त्रुटियाँ सामने आई हैं। मृतकों के नाम जिंदा दिखाए गए हैं और कुछ मतदाताओं के नाम गलत क्रमांक पर दर्ज हैं। कुछ योग्य मतदाता सूची से गायब हैं। अधिकारियों ने त्रुटियों को सुधारने का आश्वासन दिया है।

फतेहपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में चौंकाने वाली त्रुटियों की भरमार सामने आई है। हालात ऐसे हैं कि छह माह पहले दिवंगत हो चुके पिता-पुत्र अब भी मतदाता सूची में ‘जिंदा’ हैं और मजाकिया लहजे में लोग कह रहे हैं कि चुनाव के दिन ये लोग ‘स्वर्ग’ से धरती पर वोट डालने आएंगे। ड्राफ्ट सूची में मृतकों के नाम दर्ज होना कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि कई बूथों पर यह स्थिति देखने को मिल रही है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने एसआईआर फार्म इनके नाम का भर कर दिया ही नहीं, बावजूद इसके एसआईआर के बाद जारी सूची में दिवंगत के नाम दर्ज हैं।
हालांकि अभी दावा और आपत्तियां ली जा रही हैं। एसआईआर के दौरान पता बदलने वालों की परेशानी और बढ़ गई है। किसी का मकान बदला तो पूरा परिवार अलग-अलग बूथों में दर्ज कर दिया गया। हुसैनगंज विधान सभा के बूथ संख्या 205 के सूची क्रमांक 368 में दर्ज अंशिका देवी पत्नी धर्मेन्द्र कुमार का बूथ संख्या बदल कर 206 कर दिया गया। जबकि पति धर्मेन्द्र कुमार का नाम बूथ संख्या 205 में ही अंकित है। वहीं इसी बूथ के क्रमांक संख्या 565 में दर्ज विपिन कुमार पुत्र रामरती है। जबकि रामरती विपिन की मां हैं, इनके स्थान पिता संतलाल का नाम होना चाहिए। कई मतदाताओं के नाम की स्पेलिंग बिगाड़ दी गई है तो कहीं उम्र में दस-बीस साल का फर्क दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज है, जबकि कुछ योग्य मतदाताओं के नाम पूरी तरह सूची से गायब हैं। अभी 11 जनवरी को सभी बूथों में बीएलओ द्वारा सूची दिखाने के दौरान तमाम मतदाताओं की ऐसी ही आपत्तियां सुनाई दीं। एडीएम अविनाश त्रिपाठी का कहना है कि संबंधित ईआरओ से मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी त्रुटियां हैं, बीएलओ द्वारा फार्म आठ को भरा कर गलती को सही कराया जाएगा। एसआईआर में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां सामने आ रही है। शहर के शादीपुर खुर्द के एक मतदाता के सगे भाइयों की उम्र मतदाता सूची में एक थी। कई के मकान नंबर बदल गए थे। डीएम ने मामले में संबंधित से जवाब मांगा था। बीएलओ ने पुराने रिकार्ड का हवाला देते हुए मतदाता सूची को सही बताते हुए अपनी सफाई दी हालांकि मतदाताओं के मकान नंबर बदलने को लेकर उसे सही कराने की बात हुए अपना जबाव अफसरों को सौंपा था।
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