Hindi NewsUttar-pradesh NewsFatehpur NewsRTO Office Transformation After STF Action on Mining and Overloading
कार्यवाही बाद से आरटीओ कार्यालय में खामोशी बरकरार

कार्यवाही बाद से आरटीओ कार्यालय में खामोशी बरकरार

संक्षेप:

Fatehpur News - फतेहपुर में मोरंग खनन और ओवरलोडिंग पर एसटीएफ की कार्रवाई के बाद आरटीओ कार्यालय का माहौल बदल गया है। पहले जहां रोजाना 250-300 लोग लाइसेंस टेस्ट के लिए आते थे, अब संख्या घटकर आधी रह गई है। दलालों की अनुपस्थिति से आवेदकों को थोड़ी दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन पारदर्शिता बढ़ी है।

Sat, 29 Nov 2025 09:51 PMNewswrap हिन्दुस्तान, फतेहपुर
share Share
Follow Us on

फतेहपुर। बीते दिनो मोरंग खनन और ओवरलोडिंग को लेकर एसटीएफ की अचानक हुई कार्यवाही के बाद आरटीओ कार्यालय का पूरा माहौल बदल दिया है। जहां रोजाना सुबह से भीड़ और हलचल से भरा रहने वाला दफ्तर करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी शनिवार को खामोश दिखाई दिया। दफ्तर में प्रवेश करते ही साफ सुथरा माहौल महसूस हो रहा था कि कुछ बड़ा घटित हुआ है। कर्मचारी अपने अपने कम्यूटर में उलझे नजर आए। वहीं लंबे समय से विभाग में सक्रिय दलालों की दुकानों के शटर अधिकांश बंद दिखाई दिए। शनिवार को दोपहर करीब 12.30 परिसर में करीब एक दर्जन लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट लिया जा रहा था।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

पूरी इमानदारी के साथ एक एक करके लोगों का टेस्ट लिया जा रहा था। कोई भीड़-भाड़ नहीं देखने को मिली। जबकि जहां पहले औसतन 250-300 लोग लाइसेंस टेस्ट के लिए पहुंचते थे, वहां संख्या आधी भी नहीं दिखी। दफ्तर में आए लोगों ने भी माहौल का बदलाव महसूस किया। एक आवेदक ने कहा कि आज दलाल नहीं दिखे, अच्छा लगा। बस काम थोड़ा तेज हो जाए तो लोगों को तकलीफ न हो। कई लोगों ने कहा कि ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहे तो विभाग की पारदर्शिता बढ़ेगी। कार्रवाई के भय से दलालों के न मिलने से कई आवेदक इधर उधर भटकते नजर आए। जिनमें लाइसेंस, वाहन पंजीयन, फिटनेस, ट्रांसफर आदि कामों को लेकर आवेदक काउंटर पर न जाकर जानकारी करने के लिए पहले के जैसे दलालों को खोजते दिखाई दिए। पूछने पर इन्होंने बताया कि कार्यालय के बाहर पहले एजेंट मिल जाते थे, जिनसे कागजी कार्यवाही पूरी कराने में सहायता मिल जाती थी। अब काम कराने में थोड़ी दिक्कतें हो रही हैं। इनका कहना था कि जब तक फाइल नहीं कम्पलीट होगी तो काउंटर में कैसे जाएं। आरटीओ दफ्तर परिसर में कोने-कोने पर बैठने वाले दलालों का पूरा नेटवर्क मानो एक झटके में सिमट गया हो। कई लोग जो काम करवाने पहुंचे थे, उन्हें प्रक्रिया समझाने वाला एक भी व्यक्ति दिखाई नहीं दिया। अचानक व्यवस्था के नॉर्मल मोड पर आने से आवेदक असहज दिखे और कई को अपने काम टलते नजर आए। आवेदकों की जिज्ञासाओं को भी पटल प्रभारी सहजता के साथ जवाब देते दिखाई दिए।