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आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की तारीख तय नहीं, बेसब्री से इंतजार

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की तारीख तय नहीं, बेसब्री से इंतजार

संक्षेप:

Fatehpur News - फतेहपुर में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 2026-27 सत्र के लिए निजी स्कूलों में प्री प्राइमरी और पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसमें अभिभावक 10 विद्यालयों का चयन कर सकेंगे। फीस सरकार द्वारा दी जाएगी और अतिरिक्त शुल्क लेने पर कार्रवाई होगी।

Jan 05, 2026 10:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फतेहपुर
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फतेहपुर। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए जिले के निजी स्कूलों में प्री प्राइमरी और पहली कक्षा में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश होगा। आरटीई के माध्यम से मैपड निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश होगा। वर्ष 2024 के दिसंबर में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इस बार वर्ष 2025 का दिसंबर माह बीतने के साथ जनवरी की पांच तारीख भी बीत चुकी है, लेकिन अभी आवेदन प्रक्रिया का शेड्यूल जारी नहीं हो पाया है। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के अभिभावक तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं।

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बीएसए भारती त्रिपाठी ने बताया कि मैप्ड विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दुर्बल एवं अलाभित समूह के बच्चों के लिए आरटीई के तहत सीटें निजी विद्यालयों में आरक्षित हैं। शासनादेश के अनुसार गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा एक और पूर्व और प्राथमिक कक्षाओं में आसपास के दुर्बल और अलाभित वर्ग के बच्चों को कुल छात्र संख्या का कम से कम 25 प्रतिशत प्रवेश देना अनिवार्य होगा। जिन विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था है, वहां यह 25 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था प्रारंभिक कक्षा से ही लागू होगी। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन करते समय अभिभावक अपने आसपास स्थित विद्यालयों में से प्राथमिकता क्रम के अनुसार अधिकतम 10 विद्यालयों का चयन कर सकेंगे। विद्यालय का आवंटन लाटरी से किया जाएगा। इसके बाद विद्यालयों को प्रवेश लेना होगा ताकि पढ़ाई समय से हो सके। अधिनियम के अंतर्गत होने वाले सभी प्रवेश की फीस सरकार द्वारा जमा की जाएगी। किसी विद्यालय द्वारा अभिभावक से किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस ली जाती है। तो विद्यालय के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त राज्य सरकार प्रति बच्चे पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता पाठ्य पुस्तकों, अभ्यास पुस्तिकाओं और यूनिफॉर्म के लिए देगी जो सीधे अभिभावक के खाते में भेजी जाएगी।