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1 जनवरी, 2021|5:46|IST

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गर्भवती महिलाओं-बच्चों के हक पर डाका

गर्भवती महिलाओं-बच्चों के हक पर डाका

बहुआ। हिन्दुस्तान संवाद

गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के सेहतमंद करने को लेकर वितरित किए जा रहे राशन में खेल किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में घटतौली कर डिब्बे से गेहूं, चावल व दाल का वितरण किया जा रहा है।

असोथर ब्लॉक के सिधांव गांव में संचालित आगनवाड़ी केंद्रों में किशोरी, कुपोषित व गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले राशन में बड़ा खेल हो रहा है। यहां आंगनबाड़ी कार्यकत्री वितरित किए जाने वाले राशन में घटतौली की जा रही है। लाभार्थी को मिलने वाले गेहूं व दाल को तौल कर न देकर प्लास्टिक के डिब्बे नाप कर दिया जा रहा है। वही सिधांव गांव निवासी नेहा शुक्ला से पूछा गया तो दाल 750 ग्राम मिलना है लेकिन उसमें भी कम मिल रहा है। वही तौल कर न देकर डिब्बे से नाप कर दिया जा रहा है। वहीं मोनी पत्नी ब्रजेश को गेहूं दो किलो और दाल 750 दिया जाना चाहिए लेकिन दुकान में तौलने पर 200 ग्राम गेहंू व 200 ग्राम दाल कम निकली है। सरकार कुपोषित बच्चों, धात्री महिलाओं, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों के पोषण के लिए भरसक प्रयास कर रही है। लेकिन कर्मचारियों व बिचौलियां योजनों को दीमक की तरह चट कर रहे हैं। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकत्री का कहना है कि हमें राशन राधा स्वयं सहायता समूह से मिला है। राशन के बोरे पहले से ही कटे फ़टे मिले है जिससे राशन विभाग से 50 किलो की जगह 45 किलो ही मिलता है जिससे हम लोग सबको देने के अनुसार कम देते है।

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  • Web Title:Robbery on the rights of pregnant women and children