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लाइसेंस व एनओसी के बिना बंद होंगे आरओ वाटर प्लांट

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 03:11 AM
लाइसेंस व एनओसी के बिना बंद होंगे आरओ वाटर प्लांट

फतेहपुर/खागा। संवाददाता

जनपद के सभी आरओ वाटर प्लांट संचालकों को अगले डेढ़ माह की अवधि में सम्बन्धित एजेन्सियों से प्रमाण पत्र, लाइसेंस व एनओसी की औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। ऐसा न करने पर आरओ वाटर प्लांट में ताला लग सकता है। खबरों को संज्ञान में लेकर कमिश्नर के पत्र पर डीएम द्वारा कराई गई जांच से निकले तथ्यों एवं उस पर अमल के बाद ही जिले में आरओ वाटर प्लांट का संचालन संभव हो सकेगा।

बिना लाइसेंस के चलाए जा रहे आरओ वाटर मिनरल प्लांटों पर कमिश्नर के पत्र के आधार पर डीएम ने सहायक अभियंता(लघु सिंचाई) फतेहपुर से जांच कराई तो कई तथ्य सामने आए। नियमावली का अध्ययन करने पर पाया गया कि कोई भी व्यक्ति मिनरल वाटर या पैकेज की विक्री और प्रदर्शन ब्यूरो आफ इंडियन स्टैण्डर्ड के प्रमाण पत्र के बिना नही कर सकता है। इसके बाद उसे फूड सेफ्टी एण्ड स्टैण्डर्ड अथारिटी आफ इंडिया नई दिल्ली के द्वारा जारी लाइसेंस भी लेना पड़ेगा। संचालक को उत्तर प्रदेश भूजल (प्रबंधन और विनियम) विनियम अधिनियम 2019 के सरकारी गजट में सभी प्रकार के बोरिंग धारकों का जल दोहन करने पर नियमानुसार भूगर्भ पोर्टल की साइट पर आनलाइन आवेदन एवं एनओसी लेना जरूरी है। प्राइवेट ड्रिलिंग एजेन्सी को भी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

यह न करने पर लगेगा जुर्माना और होगी जेल

इस नियमों का पालन न करने पर उपरोक्त अधिनियम की धारा -26 की उप धारा( 2) धारा- 27, 28 एवं 29 के अधीन दोषी पाए जाने पर 2 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना एवं 3 वर्ष का कारावास का प्रावधान है। एडीएम ने कहा है कि जनपद के समस्त आरओ पेयजल विक्रेताओं को 45 दिनों के अंदर उपरोक्त सभी प्रमाण पत्रों से आच्छादित होना पड़ेगा। अन्यथा नियमानुसार आरओ प्लांट बंद हो जाएगा।

नियमों को ताक पर रखकर सेहत से खिलवाड़

सूत्र बताते हैं कि अधिकांश आरओ वाटर प्लांट संचालकों ने औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया है। बिडंबना यह भी है कि जागरूकता के अभाव में पानी में मौजूद मिनरल्स को भी मारकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा नियमों को तय करने के बाद इस पर लगाम लगने की उम्मीद है।

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