
तौल बंद, बारिश से भीगा धान, किसान परेशान
Fatehpur News - बारिश ने धान किसानों की समस्याएँ बढ़ा दी हैं। खरीद लक्ष्य पूरा होने पर तौल बंद हो गई है, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति है। किसान धान को बचाने के लिए चिंतित हैं, जबकि केंद्रों में धान के ढेर खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। फरवरी के अंत तक खरीद होनी है, लेकिन केंद्र प्रभारियों की मनमानी से तौल रुक गई है।
खरीद को लेकर फैली अव्यवस्था के बीच बारिश ने धान किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। तौल के इंतजार में अभी भी केन्द्रों में बड़ी तादात में धान पड़े होने के बावजूद मंगलवार खरीद लक्ष्य पूरा होने के कारण एक बार फिर तौल बंद हो गई। जिससे किसानों में असमंजस की स्थित बनी हुई है। लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद के बीच बारिश से धान को बचाने की जद्दोजहद में जुटे किसान अफसरों की ओर टकटकी लगाए हुए है। बता दें कि जिले में धान खरीद का लक्ष्य एक लाख एमटी था। करीब दस दिन लक्ष्य पूरा होते ही तौल बंद हो गई थी।
विभाग के डिमांड में शासन ने पांच हजार एमटी लक्ष्य बढाया था। यह उम्मीद थी कि असोथर, किशनपुर, बहुआ,थरियांव समेत कई केन्द्रों में हजारों कुंतल धान की तौल हो जाएगी। लेकिन मंगलवार सिर्फ चार कुंतल तौल होते ही दूसरा लक्ष्य पूरा होने का संदेश आ गया और जिले भर केन्द्रों में तौल ठिठक गई। अचानक तौल बंद होने पर किसानों ने केन्द्र प्रभारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए तौल शुरू कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि आरएमओ प्रयागराज ने किसानों का धान तौल कराने का आश्वासन दिया था। जब तक तौल नहीं होगी किसान केन्द्रों में मौजूद रहेंगे। वहीं एडीएम प्रशासन अविनाश त्रिपाठी का कहना है कि जिले का लक्ष्य पूरा होने पर खरीद बंद हुई है, लक्ष्य की डिमांड की जाएगी, लक्ष्य आते ही तौल शुरू कराई जाएगी। धान खराब होने का मड़राया खतरा सुजानपुर (बहुआ) खरीद केन्द्र में शाह निवासी किसान जवाहर लाल, मरदनपुर के किसान रामनरेश, सरकी के किसान अमित, सुजानपुर के किसान जितेंद्र कुमार समेत एक दर्जन किसानों के धान की तौल अभी तक नहीं हो सकी है।और उनके धान के ढेर सुजानपुर स्थित क्रय केंद्र के अंदर खुले आसमान के नीचे पड़े हुए हैं। बारिश होने की वजह से कई किसानों के धान के ढेर पानी से भीग चुके हैं.जिससे किसानों के धान की फसल बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। फरवरी के अंत तक होनी थी खरीद फरवरी के अंत तक धान की खरीद होनी है, लेकिन केन्द्र प्रभारियों की मनमानी और मिलर्स की मिलीभगत के बाहरी धान की इंट्री किए जाने की वजह से किसानों के धान के ढेर क्रय केंद्र के अंदर पड़े हुए हैं। वहीं केन्द्र प्रभारियों का किसानों से कहना है कि लक्ष्य पूरा हो चुका है। लक्ष्य आने पर तौल कराई जा सकती है। बारिश की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। किसानों को सूचित कर दिया गया है।

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