पान मसाला प्रकरण में दो तरह की कार्रवाई पर सवाल
Fatehpur News - फतेहपुर में पान मसाला की गाड़ी पकड़ने के मामले में थानेदार और दो दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि पांच सिपाहियों को निलंबित किया गया। अधिकारियों के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है, और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फतेहपुर। पान मसाला की गाड़ी पकड़ कर छोड़ने के मामले में हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। थानेदार और दो दरोगा पर लाइन हाजिर की कार्रवाई हुई तो वहीं पांच सिपाहियों को निलंबित किया गया। लेकिन सवाल यही है कि मामले में प्रमुख भूमिका में रहने वाले थानेदार और दरोगा पर जब सिर्फ लाइन हाजिर की कार्रवाई हुई तो सिपाहियों का निलंबन क्यों हुआ। अधिकारियों के दोहरे मापदंडों के चलते कार्रवाई को लेकर महकमें में चर्चा तेज है। बता दें कि बीते दिनों बिहार झारखंड जाने वाले पान मसाला की गाड़ी रोक कर बड़ा खेल किया गया था। गाड़ी रोकी गई थी लेकिन सारे कागज होने के कारण गाड़ी छोड़ दी गई।
एसपी से मामले की शिकायत हुई तो सामने आया कि प्राइवेट गाड़ी के जरिए औंग थाना क्षेत्र से गाड़ी लाकर थाने के बाहर खड़ी करवाई गई थी, लेकिन कागजात सही मिलने पर छोड़ दी गई, लेकिन छोड़ने के नाम पर वसूली की चर्चा है। शनिवार को थाना प्रभारी अखिलेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिए गया था। इसके बाद कल्यानपुर थाना में तैनात एसआई कन्हैया राम और सुमित तिवारी को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं मुख्य आरक्षी अजय कुमार सिंह, आरक्षी वसीम खान, ललित गौर, अनिल कुमार और सतेंद्र राजवत को निलंबित किया गया। सीओ बिंदकी प्रगति यादव की रिपोर्ट पर एसपी ने कार्रवाई की थी। अब मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है। एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई हुई है। मामले की जांच चल रही है। जांच बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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