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19 सितम्बर, 2020|6:15|IST

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पीएमओ पहुंचा सड़े अनाज के मिलावट का मामला

पीएमओ पहुंचा सड़े अनाज के मिलावट का मामला

गरीबों के निवाले में डाका और सड़ा आनाज परोसने के खेल का भंडाफोड़ होने के बाद अफसरों की चुप्पी से किसान नाराज है। उन्होंने अफसरों की मिली भगत से बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। किसान और गरीबों की योजनाओं में बरती जा रही धांधली से प्रधानमंत्री और सूबे के मुखिया को भी रूबरू कराया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है

खरीद केन्द्र में पाल रहे दलाल

किसानों ने फैक्स से शिकायत कर पीएमओ और सीएम को बताया कि गरीबों किसानों की योजनाओं पर डाका डालने के लिए जिले में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। हाटशाखा असोथर में धान और गेहूं खरीद में मानकों के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जाता है। एमआई ने मुरांव व बेरुई के तीन लोगों को मंडी में सक्रिय कर सीधी खरीद कराता है। वर्ष 2019-20 में मंडी में सिर्फ दस फीसदी ही खरीद हुईर्, जबकि मंडी और बिचौलियों के माध्यम से भारी भरकम खरीद दर्शाई गई है।

गरीबों की योजनाओं पर है डाका

गरीबों को वितरित किए जाने वाले आना में बड़ा खेल किया जा रहा है। घटतौली के साथ गरीबों का सड़ा आनाज वितरित किया जा रहा है। हालाही में सड़े आनाज के मिलावट का एक वीडियो वायरल हुआ। कोटेदारों के पास सड़े आनाज और काार्ड धारकों की जुबानी के वीडियो सर्वाजनिक हो चुके है। बावजूद इसके अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश में लगे हैं। मामले में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

राज्यमंत्री और अफसरों ने भी नहीं सुनी

असोथर के किसानों का आरोप है कि खरीद केन्द्रों में सक्रिय लोगों और मिटावट के खेल में बड़े लोग संलिप्त है। इसी लिए हर शिकायत को दबा दी जा रही है। बताया कि उन्होंने खाद्य रसद राज्य मंत्री और जिले के आला अफसरों से मामले की शिकायत की थी । फिर भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे स्पष्ट हैं कि भ्रष्टाचारियों की मजबूत पकड़ हैं।

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  • Web Title:PMO case of adulteration of rotten grains