तालाब खाली जमीन नहीं, जिसे रसूखदार हड़प लेंगे

Apr 07, 2026 11:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फतेहपुर
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Fatehpur News - -तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर एनजीटी सख्त -क्या चलेगा बुलडोजर या फाइलों में दफन होगा आदेश फतेहपुर, संवाददाता। एनजीटी की फटकार के बाद दोआबा में ताला

तालाब खाली जमीन नहीं, जिसे रसूखदार हड़प लेंगे

फतेहपुर, संवाददाता। एनजीटी की फटकार के बाद दोआबा में तालाबों की लूट अब खुलकर कटघरे में है। सालों से इनपर कब्जा जमाकर उन्हें प्लॉट, मकान और व्यावसायिक जमीन में बदलने का खेल चलता रहा, लेकिन अब एनजीटी ने साफ कर दिया है कि यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा। कहा कि तालाब कोई खाली जमीन नहीं हैं, जिन्हें रसूखदार हड़प लेंगे।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने एक अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को चेताया है कि या तो तालाब बचाइए, या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहिए। अदालत ने प्रशासन की अब तक की रिपोर्ट को अधूरी और गैर-गंभीर बताते हुए साफ कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है।

एनजीटी ने कहा कि तालाब कोई खाली जमीन नहीं हैं, जिन्हें रसूखदार लोग हड़प लें। यह सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर कब्जा करना सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के जीवन के अधिकार पर हमला है। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि पुराना कब्जा, बड़ा निवेश या राजनीतिक दबाब..अब कोई बहाना नहीं चलेगा। एनजीटी ने जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि हर तालाब की जियो-टैगिंग हो, यूनिक आईडी दी जाए और अतिक्रमण हटाने की ठोस टाइमलाइन तय की जाए। साथ ही, सीवेज गिराने वालों पर सख्त कार्रवाई और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए मास्टर प्लान बनाना अनिवार्य हो। आठ जुलाई की डेडलाइन अब सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि फतेहपुर प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा है। एनजीटी के सख्ती के बाद सवाल यही है क्या तालाब माफिया पर सच में बुलडोजर चलेगा, या फिर एक बार फिर आदेशों को फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।

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