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9 अगस्त, 2020|9:16|IST

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नरौली: अनाथ हुए बच्चों की परवरिश करेगा चाइल्ड लाइन

नरौली: अनाथ हुए बच्चों की परवरिश करेगा चाइल्ड लाइन

किशनपुर थाना क्षेत्र के नरौली मजरे गढ़ा में मंगलवार की रात हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से बचनी सेठ व उसकी पत्नी रन्नो देवी की मौत हो गई थी। जिससे उनके दो बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया था। दोनों बच्चों और उनकी दादी के खाने के लाले पड़ गए। मामले की जानकारी पर शुक्रवार को चाइल्ड लाइन की टीम ने पहुंचकर दोनों बच्चों की जिम्मेदारी ली।

पूरे मामले को हिन्दुस्तान अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद चाइल्ड लाइन मंत्रालय ने मामला संज्ञान लिया और शुक्रवार को टीम अनाथ बच्चों की मदद के लिए पहुंची। जहां पर बच्चों को आटा, चावल, सब्जी, तेल, जूस, कपड़ा और कुछ धनराशि देकर दोनों बच्चों के परवरिश की जिम्मेदारी ली। कहा कि अगर बच्चे चाहें तो कानपुर चलकर कुछ हुनर सीख सकते हैं। बालिग होने पर कुछ धनराशि मिलेगी जिससे रोजगार खोल सकते हैं या फिर अपने घर में रहकर पालन-पोषण व शिक्षा के लिए एक बच्चे को दो हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे। जिस पर बच्चों के नाना और अन्य परिवारीजनों ने सोच समझकर फैसला लेने की बात कही। इस मौके पर जिला समन्वयक चाइल्ड लाइन अजय सिंह चौहान, विधि सह परविक्षा अधिकारी धीरेन्द्र अवस्थी, पुष्पा मौर्या, उत्तरा सिंह, आशीष कुमार सत्यदेव रहे।

सांसद ने जल्द मुआवजा दिलाने का दिया आश्वासन

नरौली गांव की दुखदाई घटना की जानकारी पर केन्द्रीय राज्यमंत्री व जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति शुक्रवार को गांव पहुंचीं। जहां पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं मौजूद एसडीएम प्रहलाद सिंह से पीड़ितों को जल्द मुआवजा दिलाने की बात कहते हुए परिजनों को आश्वासन दिया। वहीं उन्होंने खुद भी पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की। उनके पहुंचने पर तमाम ग्रामीण इकट्ठा हो गए और अपनी-अपनी व ग्राम स्तर की समस्याओं से अवगत कराया। वहीं सांसद ने सभी की समस्याओं से रुबरू होकर जल्द निजात दिलाने का आश्वासन दिया।

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  • Web Title:Naroli Child line to raise orphaned children