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प्रदेश स्तर पर बिखरी मलूकपुर की ‘किताबों वाली मुस्कान’

प्रदेश स्तर पर बिखरी मलूकपुर की ‘किताबों वाली मुस्कान’

संक्षेप:

Fatehpur News - फतेहपुर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर में शिक्षक आनंद कुमार मिश्र ने जनसहयोग से 'मुस्कानालय' नामक लाइब्रेरी स्थापित की है। यह लाइब्रेरी बच्चों के वाचन और लेखन कौशल को बढ़ाने में मदद कर रही है। इसे अब IAS के नए प्रशिक्षण मॉड्यूल में बेंचमार्क बना दिया गया है, जो अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

Jan 19, 2026 12:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फतेहपुर
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फतेहपुर। कहावत है कि अगर इरादे नेक हों तो एक कमरे की लाइब्रेरी भी पूरे प्रदेश की राह रोशन कर सकती है। ऐरायां ब्लॉक के आदर्श प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर ने इसे सच कर दिखाया है। यहाँ के शिक्षक आनंद कुमार मिश्र द्वारा जनसहयोग से स्थापित लाइब्रेरी ‘मुस्कानालय’ की सफलता की कहानी अब प्रदेश के हज़ारों शिक्षक पढ़ेंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन (आईएएसई), प्रयागराज ने अपने नए प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘ग्रंथागार’ के मुख्य पृष्ठ पर इस लाइब्रेरी की तस्वीरों को स्थान देकर इसे एक ‘बेंचमार्क’ बना दिया है। अक्सर सरकारी स्कूलों में बजट का रोना रोया जाता है, लेकिन आनंद कुमार मिश्र और सीमा बाजपेयी ने ‘मिशन मुस्कान’ के जरिए इस धारणा को बदल दिया।

उन्होंने दूर दराज और आसपास के लोगों को जोड़ा और समुदाय के सहयोग से एक ऐसी लाइब्रेरी तैयार की जहां सिर्फ अलमारियों में किताबें बंद नहीं हैं, बल्कि बच्चे कालीन पर बैठकर कहानियों की दुनिया में गोता लगाते हैं। इसी प्रभाव को देखते हुए मॉड्यूल में आनंद मिश्र के उस लेख को भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने सीमित संसाधनों में पुस्तकालय खड़ा करने एवं बच्चों के लेखन पठन कौशल की यात्रा बताई गई है। बन गई प्रेरणास्पद कहानी : वर्तमान में प्रयागराज में परिषदीय और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है। उसमें प्रशिक्षुओं को बताया जा रहा है कि कैसे एक लाइब्रेरी बच्चों के वाचन, लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को बदल सकती है। मॉड्यूल के कवर पेज पर मलूकपुर के बच्चों को पढ़ते हुए देखना जिले के शिक्षा विभाग के लिए गर्व का विषय बन गया है। खुद के बेटे को पढ़ाकर पेश की मिसाल : आनंद कुमार मिश्र केवल कागजी नवाचार के लिए नहीं जाने जाते। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर अपना अटूट विश्वास तब साबित किया, जब उन्होंने अपने बेटे का दाखिला भी इसी प्राथमिक विद्यालय में कराया। उनकी इसी निष्ठा का परिणाम है कि उन्हें अब तक डॉ. बृजलाल वर्मा सम्मान, एडूलीडर्स यूपी अवार्ड और प्रेरक शिक्षक जैसे दर्जनों सम्मान मिल चुके हैं। उनके छात्र राज्यपाल और मुख्य सचिव जैसे दिग्गजों के सामने अपना आत्मविश्वास प्रदर्शित कर चुके हैं।

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