इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोना पहुंचा 1.65 लाख

Newswrap हिन्दुस्तान, फतेहपुर
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Fatehpur News - फतेहपुर। प्रधानमंत्री की अपील के बाद केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। कारोबारियों का कहना है कि ड्यूटी बढ़ने से घरेलू रिटेल कीमतों में सीधा उछाल आएगा जिससे पहले से ही सुस्त पड़े बाजार पर दोहरी मार पड़ेगी।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोना पहुंचा 1.65 लाख

फतेहपुर। प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। पहले महंगाई, फिर अपील अब इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के इस फैसले के बाद सराफा कारोबारियों की धड़कने तेज होना शुरू हो चुकी हैं। कारोबारियों का कहना है कि ड्यूटी बढ़ने से घरेलू रिटेल कीमतों में सीधा उछाल आएगा जिससे पहले से ही सुस्त पड़े बाजार पर दोहरी मार पड़ेगी। जिससे सराफा कारोबारियों के साथ ही कारीगरों की रोजी रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। कीमत बढ़ने से घटेगी खरीदारी

इंपोर्ट ड्यूटी का प्रभाव

इंपोर्ट ड्यूटी 10 प्रतिशत बढ़ने से सोने व चांदी के दामों में एक बार फिर से उछाल आना शुरू हो गया है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण अंर्तराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही सोने व चांदी पर महंगाई की मार पड़ रही है। वहीं अब ड्यूटी बढ़ने के कारण यह और महंगा होना शुरू हो चुका है। करोबारी ब्रजेश सोनी ने बताया कि सोना कल शाम तक 1.53 लाख प्रति दस ग्राम था लेकिन ड्यूटी बढ़ने से 1.65 लाख पहुंच चुका है। वहीं चांदी 2.53 लाख प्रति किग्रा से 2.70 लाख पहंुच गई है।

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सहालग का सीजन और खरीदारी

वर्तमान में सहालग का सीजन चल रहा है जिसका हर सराफा कारोबारी को इंतजार रहता है। शादियों के लिए आभूषणों की खरीद का पीक समय होने के कारण इस समय खरीद भी अच्छी होती है। कारोबारी दिनेश सोनी ने बताया कि एक के बाद एक लगने वाले झटके से पीक समय में भी कारोबार महज 20 प्रतिशत ही शेष बचा है। ऐसे में ड्यूटी बढ़ने से खरीददार दुकानों से दूरी बना रहा है। वर्तमान में लोग निवेश या शादी के लिए भी सोना खरीदने से कतरा रहे हैं। ऐसे में कारीगरों को भी काम मिलना मुश्किल है।

हल्की ज्वेलरी की मांग

महंगे होते सोने ने खरीदारों को खरीद से दूर करना शुरू कर दिया है। सुरेंद्र सर्राफ ने बताया कि खरीददार 22 कैरेट की भारी ज्वेलरी के बजाय 18 और 14 कैरेट की हल्की डिजाइन मांग रहे हैं। वहीं राजेंद्र सर्राफ ने बताया कि बेहद आवश्यकता होने पर ही लोग ज्वैलरी की खरीद कर रहे हैं। अन्यथा की दशा में सोने की खरीद बंद हो रही है। वहीं मध्यमवर्गीय परिवार सहालग में आर्टिफिशियल गहनों की ओर रुख करने लगे हैं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान के संचालक मोहित गुप्ता ने बताया के दो हजार तक ज्वैलरी मिल जाने से खरीद 50 प्रतिशत बढ़ी है।

कारीगरों का संकट

सोने के आभूषणों की खरीद मंदी होने के चलते कारीगरों की दुकानों पर ताले लगने की नौबत आ चुकी है। नतीजतन कारीगरों के सामने खासा संकट खड़ा हो रहा है। कारीगर गोरे सोनी, सोनू सोनी, प्रीतू सोनी आदि ने बताया कि सोने-चांदी के लगातार बढ़ते दामों के कारण पहले ही कारीगरी महज 30 प्रतिशत शेष बची थी। ऐसे में अब इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद सोने व चांदी के दामों में काफी इजाफा होने का अनुमान है जिसके चलते कारीगरी करीब-करीब बंद होने की कगार पर पहुंच रही है। जिससे आने वाले समय में दूसरे व्यापार की ओर रुख करना पड़ सकता है।

सामान्य प्रश्न

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का क्या प्रभाव पड़ा है?
इंपोर्ट ड्यूटी 10 प्रतिशत बढ़ने से सोने व चांदी के दामों में एक बार फिर से उछाल आना शुरू हो गया है।
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