
बैलगाड़ी और बाइक सवार पर 53 हजार जुर्माना
Fatehpur News - जाफरगंज के यमुना तटवर्ती गांवों में मौरंग का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। किसान और युवा नदी किनारे से मौरंग निकालकर ऊपरी इलाकों में डंप कर रहे हैं। खनिज विभाग ने बिंदौर गांव में छापेमारी कर जुर्माना लगाया। पुलिस की नजरअंदाजी और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह कारोबार बढ़ रहा है।
जाफरगंज। यमुना तटवर्ती गांवों में मौरंग का कारोबार सिर्फ पट्टा धारकों तक सीमिति नहीं है। यहां बड़े पैमाने पर किसान व युवा नदी किनारे से बैलगाड़ी और बाइकों से मौरंग निकाल ऊपरी इलाके में डंप करते हैं। बिंदौरा गांव में वन विभाग की जमीन पर चल रहे मौरंग कारोबार की सूचना पर खनिज विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम ने नदी किनारे से मौरंग की ढुलाई कर रहे एक बैलगाडी के किसान व बाइक सवार को पकड़ 53 हजार का जुर्माना अदा करने की नोटिस थमाते हुए विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी। बिंदौर गांव में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक मौरंग के कारोबार में लिप्त है।
कारोबार के लिए वह नई बाइकें खरीद कर मौरंग ढुलाई कराई है। बताते हैं कि बाइकों में बोरियों के जरिए नदी किनारे से मौरंग निकाल कर ऊपरी स्थानों में सुरक्षित किया जाता है। पर्याप्त मात्रा में मौरंग डंप होने पर उसे टैक्टर ट्राली वालों की बिक्री कर दिया जाता है। नाम न छापने की शर्त में एक युवक ने बताया कि मौरंग बिक्री के जरिए हर माह करीब 25 से 30 हजार रुपये की कमाई करते हैं। यमुना कटरी में सिंचाई के अभाव में खेती किसानी भगवान भरोसे हैं। अजीविका के लिए बड़ी तादात में किसान चोरी छिपे नदी किनारे से मौरंग निकाल कर बिक्री करते हैं। किसानों का यह काम सिर्फ बिंदौर गांव तक सीमित नहीं है। नदी किनारे एक दर्जन से अधिक गांवों में किसान मौरंग कारोबार का काम करते हैं। कई लोग इन किसानों से फिट से हिसाब से मौरंग खरीद कर कस्बों में सीधा बिक्री करते हैं। जिले में करीब 90 किमी में प्रवाहित यमुना के किनारों में मौरंग का भंडार है। अधिकतर स्थानों में खनिज विभाग ने मौरंग खंड चिंहित कर पट्टा आवंटित करता है, लेकिन बिंदौर में नदी किनारे वन विभाग की भूमि होने के कारण पट्टा आवंटन संभव नहीं है। जिसका ग्रामीण व युवा फायदा उठाते हुए मौरंग कारोबार करते हैं। बताते हैं कि बैलगाड़ी व बाइकों से मौरंग निकालने वाले लोग थाने के बगल से ही निकलते हैं। लेकिन पुलिस इन्हें रोकने टोकने की जहमत नहीं उठाती है। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय पुलिस भी मौरंग निकालने के एवज में जेब ऊंची करती हैं। इसी कारण पुलिस ने इन मौरंग कारोबारियों को देख नजर फेर लेती है।

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