भीषण गर्मी में आमजन के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल
Fatehpur News - हाय रे गर्मी...भीषण गर्मी में आमजन के साथ पशु-पक्षी भी बेहालभीषण गर्मी में आमजन के साथ पशु-पक्षी भी बेहालभीषण गर्मी में आमजन के साथ पशु-पक्षी भी बेहा

फतेहपुर। हीटवेव और भीषण गर्मी का कहर शनिवार को भी जारी रहा। आमजन के साथ साथ पशु पक्षी भी बेहाल हो रहे हैं। शुक्रवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई लेकिन इससे लोगों को कोई राहत नहीं मिली। दिनभर भगवान भास्कर की किरणें लोगों को जलाती रहीं। घरों के कमरे भट्ठी की तरह धधकते रहे। दोपहर में तेज हवा के साथ बादल भी आ गए। धूप और बदली की जुगलबंदी ने उमस को बढ़ा दिया। हालांकि कुछ ही समय पर तेज धूप फिर हो गई। जिले में सप्ताह भर से लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। तापमान लगातार 43 और 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शनिवार को अधिकतम तापमान 43.4 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर में सड़कों पर कफ्र्यू जैसे हालात नजर आए। मौसम विभाग ने अभी भी हीटवेव और गर्मी को लेकर जिले को रेड अलर्ट घोषित किया है.
ज्यादा देर तापमान में रहना खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा देर तक अधिक तापमान में रहना खतरनाक है। इससे हीटवेव के चपेट में आने का खतरा रहता है। लू लगने के कारण भी हालत बिगड़ सकती है। गंभीर रूप से बीमार और वृद्ध लोगों के लिए गर्मी में रहना मुसीबत बन सकता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रघुनाथ सिंह ने बताया कि तेज गर्मी के चलते लोगों के सिर में दर्द होने लग रहा है। बुखार और चक्कर आने की शिकायत भी है। इसके अलावा लोग उल्टी-दस्त की चपेट में भी आ रहे हैं। ऐसे में थोड़ी-थोड़ी देर पर ठंडे पानी से शरीर पोंछते रहे। हल्के तरल पदार्थ लें, जिससे डिहाईड्रेशन की शिकायत न हो.
तपिश के कारण कारोबार प्रभावित
भीषण गर्मी के चलते शहर में कारोबारी गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। तपिश के कारण बाजार में ग्राहक नहीं नजर आ रहे हैं। सुबह आठ बजे के बाद ही धूप का असर तेज हो जाता है। जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। सुबह से देर शाम तक सता रही गर्मी के चलते बाजारों से ग्राहकों ने दूरी बना ली है। दुकानदारों ने बताया कि गर्मी की वजह से ग्राहक बाजार नहीं आ रहे हैं। चौक जैसे इलाके में गर्मी के चलते दिनभर सन्नाटा पसरा नजर आता है। पिछले वर्षों में हालात ऐसे नहीं बिगड़े थे.
लू लगने के लक्षण
डाक्टरों के मुताबिक व्यक्ति की त्वचा का गर्म, लाल, शुष्क होना, पसीना न आना। तेज पल्स होना, उल्टे सांस गति में तेजी और व्यवहार में परिवर्तन और भ्रम की स्थिति। सिरदर्द, मिचली, थकान, कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी लू की वजह से व्यक्ति के शरीर पर होने वाले प्रभाव। उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है। मनुष्य के हृदय के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न होता है। जो लोग एक या दो घंटे से अधिक समय तक अधिक तापमान अथवा गर्म हवा में रहते हैं, उनके उनके मस्तिष्क में क्षति की संभावना प्रबल हो जाती है.
लू से बचने के लिए ये करें
अधिक से अधिक पानी पिएं। भले ही प्यास न लगे। यह शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने में मदद करेगा। हल्के रंग के पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय गमछा, चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का उपयोग करें। यदि आप खुले में काम करते हैं, तो सिर, चेहरा और हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढ़के और छाता का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोछें या नहलाएं और चिकित्सक से संपर्क करें। यात्रा करते समय पीने का पानी अवश्य साथ रखें और गीले कपड़े को चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें। शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों से बचें.
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