Fatehpur News: हि फॉलोअप : आरबीएसके की गाड़ियां खड़ी, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण ठप

हिन्दुस्तान, फतेहपुर
Follow us on Google News
share

Fatehpur News: फतेहपुर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की सेवाएं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों के चलते प्रभावित हो रही हैं। कई महीनों से वाहनों के भुगतान रुके रहने से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य बाधित हो गया है। सीएमओ ने बताया कि बजट की कमी के कारण भुगतान लंबित था, जिसे अब हल कर दिया गया है।

Fatehpur News: हि फॉलोअप : आरबीएसके की गाड़ियां खड़ी, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण ठप

Fatehpur News: फतेहपुर। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की व्यवस्था जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते प्रभावित हो रही है। धाता, बहुआ, भिटौरा और देवमई में आरबीएसके टीमों के वाहनों का कई महीनों से भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान अटकने से कहीं वाहन खड़े हो गए हैं तो कहीं ईंधन के अभाव में सेवाएं बंद हो गई हैं। इससे माइक्रोप्लान के अनुसार स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों की जांच का काम प्रभावित हो रहा है। धाता सीएचसी की आरबीएसके टीम-ए के वाहन का करीब दो माह से भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण वाहन का संचालन प्रभावित है।

बहुआ पीएचसी की स्थिति और गंभीर है। यहां आरबीएसके टीम-ए और टीम-बी के वाहनों का मार्च से अगस्त तक भुगतान नहीं हुआ है। ईंधन के लिए धनराशि नहीं होने के कारण दोनों टीमों की फील्ड सेवाएं बंद हो गई हैं। वहीं भिटौरा पीएचसी की टीम-ए के वाहन का जून से अगस्त तक भुगतान नहीं हुआ। भुगतान न मिलने पर वाहन खड़ा कर दिया गया है। देवमई पीएचसी में भी आरबीएसके टीम-ए के वाहन का मार्च से अगस्त तक भुगतान लंबित है। लगातार भुगतान नहीं होने के कारण वाहन को खड़ा कर दिया गया है। संबंधित वाहन चालकों और मालिकों ने अपने-अपने चिकित्साधिकारियों को पत्र देकर लंबित भुगतान कराने की मांग की है। इसके बावजूद कई महीनों से भुगतान नहीं होने से सीएमओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सीएमओ यूबी सिंह ने बताया कि बजट के अभाव में भुगतान लंबित था। भुगतान करा दिया गया है।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsUP NewsफतेहपुरFatehpur News: हि फॉलोअप : आरबीएसके की गाड़ियां खड़ी, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण ठप