धुएं में पक रहा मेडिकल छात्रों का भोजन
Fatehpur News - फतेहपुर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण मेडिकल कॉलेज और जीआरपी थाने की कैंटीनों में समस्याएं बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में भोजन बनाने के लिए कोयला भट्ठी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जीआरपी थाने में लकड़ियों का सहारा लिया जा रहा है।

फतेहपुर। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से मेडिकल कॉलेज और जीआरपी थाने की कैंटीनों में परेशानियां बढ़ने लगी हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में भोजन बनाने के लिए कोयला भट्ठी का सहारा लिया जा रहा है, वहीं जीआरपी थाने में भी लकड़ियों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में करीब 135 छात्र-छात्राओं के लिए रोजाना भोजन तैयार किया जाता है। पहले गैस सिलेंडर नियमित रूप से मिल रहे थे, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित है। कैंटीन संचालिका प्रीती देवी के अनुसार, पहले जो स्टॉक था वह अब खत्म हो चुका है, जिसके चलते मजबूरी में कोयला भट्ठी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था गैस की तुलना में महंगी पड़ रही है, बावजूद इसके भोजन के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।धुएं से बढ़ी परेशानीकैंटीन में कोयले के इस्तेमाल से निकलने वाला धुआं कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कई बार सिलेंडर की उपलब्धता के लिए प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं जिला अस्पताल की कैंटीन में पर्याप्त सिलेंडर होने का दावा किया जा रहा है।जीआरपी में लकड़ी का सहाराजीआरपी थाने में भी सिलेंडर खत्म होने की स्थिति में है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ियां जुटाई जा रही हैं। एसओ राजकुमार मौर्य ने बताया कि पहले गैस आसानी से मिल जाती थी, लेकिन वर्तमान में दिक्कत आ रही है। जवानों को परेशानी से बचाने के लिए पहले से ही लकड़ी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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